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20 सितम्बर, 2020|6:19|IST

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पश्चिम बंगाल में कोरोना से होने वाली 70 प्रतिशत मौतें अस्पताल में भर्ती करने में हुई देरी के कारण हुई

delayed admission in hospitals resulted in 70 percent of covid19 related deaths in west bengal

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से संबंधित 70 प्रतिशत मौतें अस्पतालों में एडमिट करने में देरी के कारण हुईं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी है। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने कहा, “हम कोरोना से संबंधित कोरोना के प्रत्येक मौत का दैनिक आधार पर विश्लेषण कर रहे हैं। लगभग 70 मौतें हुईं मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी से हुई।''

पिछले कुछ महीनों में राज्य द्वारा संचालित और प्राइवेट अस्पतालों दोनों के खिलाफ कई आरोप सामने आए हैं कि उन्होंने बेड की कमी सहित विभिन्न कारणों से रोगियों को भर्ती करने से इनकार कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ रोगियों की मृत्यु हो गई है।

राजीव सिन्हा ने हालांकि कहा कि अस्पताल के बेड की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में कोरोना के 83 अस्पतालों में 11,560 बेड हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत अभी भी खाली हैं। इन अस्पतालों में 23,500 बिस्तर हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल की एक विशेष श्रेणी की मांग है, जिसकी महामारी की स्थिति में गारंटी नहीं दी जा सकती है। हम जो गारंटी दे सकते हैं वह ऐसा अस्पताल है, जहां रोगियों को सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों द्वारा पर्याप्त उपचार प्रदान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मामले की मृत्यु दर लगभग 2.2 प्रतिशत तक गिर गई है। राष्ट्रीय सीएफआर 2.7 प्रतिशत है। वर्तमान में राज्य में केवल 1144 मरीज गंभीर स्थिति में हैं जबकि 1043 और 1946 मध्यम और हल्के लक्षणों के साथ हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब है कि कोरोना के 100 रोगियों में से केवल दो की मृत्यु हुई है। इसमें से 87 प्रतिशत मौतें कॉमरेडिटी के कारण हुई।

मुख्य सचिव मीडियाकर्मियों से जिस समय बात कर रहे थे, वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। आपको बता दें कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल में कोरोना जांच का आंकड़ा 25,000 के पार कर गया। 

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  • Web Title:Delayed admission in hospitals resulted in 70 percent of Covid19 related deaths in west Bengal