नई व्यवस्था से अटकी दिव्यांग पेंशन, 1200 लाभार्थियों को जल्द मिलेंगे छह माह के 6000 रुपये
दिव्यांग पेंशन के भुगतान में हो रही देरी के कारण 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लगभग 1,200 लाभार्थियों की पेंशन अटकी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सितंबर के अंत में या अक्टूबर के प्रारंभ में एक साथ 6,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। लाभार्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया गया है।

दिव्यांग पेंशन के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव के चलते 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले जनपद के करीब 1,200 लाभार्थियों की पेंशन अटक गई है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विजय कुमार के अनुसार इन लाभार्थियों को अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह माह की कुल 6,000 रुपये पेंशन सितंबर के अंत अथवा अक्टूबर के प्रारंभ में एक साथ मिलने की संभावना है। विभाग ने लाभार्थियों से पेंशन को लेकर परेशान न होने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि जनपद में करीब 8,300 दिव्यांग पेंशन लाभार्थी हैं।
इनमें लगभग 7,100 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत से कम है। इन्हें अप्रैल, मई और जून 2026 की पहली त्रैमासिक किस्त के रूप में 3,000 रुपये जुलाई में मिल चुके हैं। वहीं, 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले करीब 1,200 लाभार्थियों की अप्रैल, मई और जून की पेंशन जुलाई में नहीं आ सकी। इसका प्रमुख कारण भारत सरकार की नई SNA-SPARSH भुगतान प्रणाली लागू होने के चलते भुगतान व्यवस्था में किया जा रहा बदलाव है। 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये पेंशन मिलती है। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों का अंश शामिल होता है। 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता और 80 वर्ष से कम आयु वाले लाभार्थियों की पेंशन में केंद्र सरकार 300 रुपये और प्रदेश सरकार 700 रुपये का अंश देती है। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले लाभार्थियों की 1,000 रुपये मासिक पेंशन में केंद्र और प्रदेश सरकार का अंश 500-500 रुपये होता है। पूर्व व्यवस्था में केंद्र सरकार अपना अंश राज्य सरकार को उपलब्ध कराती थी। इसके बाद राज्य सरकार अपना अंश जोड़कर लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से पेंशन भेजती थी। अब केंद्र सरकार ने SNA-SPARSH व्यवस्था लागू की है। इसके तहत PFMS समेत केंद्र और राज्य की संबंधित वित्तीय प्रणालियों को एकीकृत करते हुए Just-in-Time फंड ट्रांसफर के माध्यम से भुगतान किया जाता है। नई व्यवस्था लागू करने के लिए संबंधित पोर्टल और भुगतान प्रणालियों में तकनीकी एवं प्रक्रियागत बदलाव किए जा रहे हैं। इसी संक्रमण प्रक्रिया के कारण 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले करीब 1,200 लाभार्थियों की पहली त्रैमासिक पेंशन के भुगतान में देरी हुई है। विजय कुमार ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को पेंशन के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह माह की कुल 6,000 रुपये पेंशन सितंबर के अंत अथवा अक्टूबर के प्रारंभ में एक साथ मिलने की संभावना है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि पेंशन भुगतान को लेकर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और विभाग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।


