संरक्षित पशु तस्कर से पुलिस की मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैर में लगी गोली
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बुधवार आधी रात को पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। घायल बदमाश की पहचान सहारनपुर निवासी रईस के रूप में हुई है। रईस दो साल पहले की गोकशी की घटना में वांछित था। पुलिस ने मौके से कई औजार और हथियार बरामद किए हैं।
देहरादून। बुधवार आधी रात के बाद प्रेमनगर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। टी-एस्टेट इलाके में हुई इस मुठभेड़ में एक पशु तस्कर पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी है। जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत दून अस्पताल में भर्ती कराया है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि बुधवार आधी रात को प्रेमनगर पुलिस दरू चौक के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गोरखपुर चौक की तरफ से बिना नंबर की एक काली मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस के रोकने का इशारा करने पर वे तेजी से चाय बागान की ओर भाग निकले। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए उनका पीछा किया तो बदमाशों ने पीतांबरपुर बनियावाला मार्ग पर बाइक छोड़ दी और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इससे पुलिस का सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। आत्मरक्षा में पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैरों में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा जबकि, उसका दूसरा साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। घायल बदमाश की पहचान सहारनपुर निवासी 26 वर्षीय रईस के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार रईस सहारनपुर का एक शातिर गैंगस्टर है और प्रेमनगर में दो साल पहले हुई संरक्षित पशु तस्करी की एक घटना में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में पशु क्रूरता, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और चोरी के 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं。
रेकी करने पहुंच था आरोपी
पुलिस पूछताछ में रईस ने बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ टी-एस्टेट इलाके में आवारा गोवंस की रेकी कर दोबारा गोकशी की घटना को अंजाम देने आया था। पुलिस ने मौके से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस, बिना नंबर की बाइक और गोकशी के लिए लाए गए औजार (कुल्हाड़ी, चापड़, छुरी और रस्सी) बरामद किए हैं। फरार आरोपी नवाब की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।


