आवेदन के 12 महीने बाद भी नहीं मिली डिग्री, हंगामा
मुजफ्फरपुर में छात्रों को डिग्री नहीं मिलने पर अभिभावकों का आक्रोश फूटा। कई छात्रों ने विवि अधिकारियों से उलझते हुए कहा कि डिग्री के लिए वे लगातार दौड़ रहे हैं और यदि डिग्री नहीं मिली तो वे प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। विवि में डिग्री समर्पित करने की प्रक्रिया में भी समस्याएं आ रही हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू में आवेदन करने के छह से 12 महीने बाद भी छात्र-छात्राओं को डिग्री नहीं मिल रही है। छात्रों के साथ अभिभावकों का आक्रोश भी শনিবার को फूट पड़ा। डिग्री के लिए दूसरे जिले से पहुंचे अभिभावक गार्ड के रोकने पर हंगामा करने लगे। इसी बीच कई छात्र-छात्राएं भी विवि अधिकारियों से उलझ पड़े और काफी देर दक गर्मागर्मी चलती रही।
छात्रों की समस्याएं
विश्वविद्यालय में डिग्री के लिए दिनभर छात्र-छात्राओं की भीड़ लगी रही। कई तो शाम तक डिग्री के लिए विश्वविद्यालय में जमे रहे। छात्र-छात्राओं ने कहा कि 31 अगस्त प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि है और हमलोग अबतक डिग्री के लिए ही दौड़ रहे हैं। डिग्री नहीं मिली तो आवेदन से वंचित हो जाएंगे। विवि की लापरवाही के कारण हमलोग नौकरी से भी हाथ धो बैठेंगे। पूर्वी चंपारण से आये मोहित ने बताया कि फरवरी में ही आवेदन किया था। फीस जमा करने के साथ ही दूसरे पोर्टल पर डेटा की इंट्री भी कर दी थी। इसके 15 दिनों बाद पोर्टल पर डिग्री डिस्पैच दिखाने लगा मगर जब संबंधित कॉलेज में गये तो कहा गया कि डिग्री नहीं आयी है। विश्वविद्यालय पहुंचे तो यहां कहा गया कि डिग्री कॉलेज भेजी जा चुकी है। ऐसे कई छात्र-छात्राएं हैं, जो कॉलेज से विश्वविद्यालय तक कई बार चक्कर लगाकर थक चुके हैं। वैशाली की सलोनी ने कहा कि डिग्री के लिए कई दिनों से विश्वविद्यालय आ रहे हैं, लेकिन डिग्री नहीं मिल पा रही है। डिग्री नहीं मिलने पर एक अभिभावक हंगामा करने लगे। अभिभावक का आरोप था कि कई बार डिग्री के लिए अभ्यर्थी आ चुका है, लेकिन हर बार उसे लौटा दिया जा रहा है। भीतर प्रवेश करने पर गार्ड के रोकने पर भी हंगामा हुआ। इसी बीच पदाधिकारी पहुंचे और उनसे भी बहस हुई। काफी देर तक हंगामा करने के बाद छात्र और अभिभावक लौट गए।
डिग्री भेजने की प्रक्रिया
सुधार कर भेजी जा रही डिग्री परीक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि जिन अभ्यर्थियों ने डिग्री के लिए आवेदन किया था, उनमें बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी भी थे जिनकी डिग्री में कई तरह के विवरण गलत थे। सुधार करने के बाद इन छात्र-छात्राओं की डिग्री संबंधित कॉलेजों को भेज दी गयी है। शनिवार की सुबह में कॉलेजों से कर्मियों को बुलाकर पांच जिलों के दो हजार विद्यार्थियों की डिग्री और एक हजार से अधिक विद्यार्थियों का अंकपत्र और प्रोविजनल कॉलेजों को भेजा गया है। संबंधित छात्र-छात्राएं अपने कॉलेज में ही जाकर इसे लेंगे। विवि में इसे उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। डिग्री के लिए लगातार विवि में हंगामा हो रहा है।


