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1000 किमी से अधिक दूरी की मारक क्षमता, निर्भय क्लास की क्रूज मिसाइलों से सेना होगी और शक्तिशाली

मालूम हो कि देश की तीनों रक्षा बलों के पास अब अपने शस्त्रागार में निर्भय क्लास की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें होंगी जिनसे 1,000 किमी से अधिक दूरी तक के टारगेट पर हमला किया जा सकेगा।

1000 किमी से अधिक दूरी की मारक क्षमता, निर्भय क्लास की क्रूज मिसाइलों से सेना होगी और शक्तिशाली
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 14 Nov 2023 10:54 PM
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देश की डिफेंस फोर्स की मारक क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होने जा रही है। तीनों रक्षा बलों के पास अब अपने शस्त्रागार में निर्भय क्लास की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें होंगी जिनसे 1,000 किमी से अधिक दूरी तक के टारगेट पर हमला किया जा सकेगा। निर्भय श्रेणी की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की ओर से स्वदेशी रूप से डेवलप की जा रही हैं। रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया, 'निर्भय क्लास की क्रूज मिसाइलों को शामिल करने के लिए सरकार सर्विस प्रपोजल पर विचार कर रही है। इसे लेकर अभी मंथन जारी है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद तीनों सेनाओं के पास टारगेट पर अटैक करने के लिए सबसोनिक क्रूज मिसाइलों के इस्तेमाल की क्षमता होगी।'

सरकार ने करीब 2 साल पहले इन मिसाइलों को दो अन्य सेवाओं की सूची में शामिल करने की मंजूरी दी थी। सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के साथ सबसोनिक निर्भय क्लास की क्रूज मिसाइलें सेनाओं के शस्त्रागार में डेडली कॉम्बिनेशन की तरह होंगी। इससे संघर्ष के दौरान कमांडरों के पास विकल्प भी मौजूद रहेगा। ये मिसाइलें उस रॉकेट फोर्स का भी हिस्सा होंगी जिसे इंडियन डिफेंस फोर्स में धीरे-धीरे शामिल किया जा रहा है। सेनाएं मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल करने के विकल्प पर भी विचार कर रही हैं।

रॉकेट फोर्स में प्रलय बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल करने की मंजूरी
हाल के दिनों में डिफेंस फोर्स को उनकी ओर से बनाए जा रहे रॉकेट फोर्स में प्रलय बैलिस्टिक मिसाइलों को शामिल करने की मंजूरी दी गई है। पारंपरिक भूमिकाओं में इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए इनकी संख्या भी अच्छी-खासी होगी। सूत्रों की मानें तो विभिन्न बलों के पास इन बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ ही क्रूज मिसाइलें भी होंगी। इस तरह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद वे अलग विंग बनाने के लिए एकीकृत बल बना सकते हैं। इसके साथ ही रक्षा बलों को ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों की बढ़ी हुई रेंज के तौर पर काफी बढ़ावा मिला है। आने वाले दिनों में क्रूज मिसाइलों का लंबी दूरी को लेकर टेस्ट भी होने वाला है।

प्रलय मिसाइल का हुआ सफल प्रक्षेपण
भारत ने ओडिशा तट के पास अब्दुल कलाम द्वीप से सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) 'प्रलय' का हाल ही में सफल परीक्षण किया। रक्षा अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान के साथ लगती भारत की सीमाओं पर रक्षा जरूरतों के मद्देनजर इस मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है। अधिकारी ने कहा कि प्रलय 350-500 किलोमीटर की कम दूरी वाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जो 500 से 1,000 किलोग्राम का पेलोड साथ ले जाने में सक्षम है। ठोस-ईंधन, युद्धक्षेत्र मिसाइल पृथ्वी रक्षा वाहन पर आधारित है। प्रलय को वास्तविक नियंत्रण रेखा और नियंत्रण रेखा के पास तैनात करने के लिए विकसित किया गया है।

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