व्यवहारिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षा देने को नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है: ओपी मिश्रा
डीएवी गुमला में तीन दिनी क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम का समापन डीएवी गुमला में तीन दिनी क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम का समापनडीएवी गुमला में तीन दिनी क्षम

गुमला संवाददाता डीएवी सेंटर फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस के तत्वावधान में डीएवी गुमला में आयोजित तीन दिनी क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। 15 से 17 जून तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड जोन-ए के डीएवी विद्यालयों के शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धति और बेहतर शैक्षणिक तकनीकों की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण शिविर में गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, चाईबासा, लोहरदगा और लातेहार जिले के डीएवी स्कूलों के 223 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की निगरानी एआरओ सह प्रशिक्षक समन्वय ओपी मिश्रा, डीएवी गढ़वा के प्राचार्य सह पर्यवेक्षक एके मंडल और कलस्टर हेड सह डीएवी गुमला की प्राचार्या माधवी पांडेय ने की।समापन
समारोह में ओपी मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की छिपी प्रतिभा को निखारना और उन्हें आधुनिक शिक्षा प्रणाली से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और व्यवहारिक जरूरतों के अनुसार शिक्षा देने के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है।डीएवी गुमला की प्राचार्या माधवी पांडेय ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डीएवी प्रबंधन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लगातार शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। मास्टर ट्रेनरों ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण टूल्स के माध्यम से पाठ्यक्रम को प्रभावी तरीके से पढ़ाने के गुर बताए।
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