16 सितंबर से जैन मंदिरों में गूंजेंगे मंत्र, धर्म और भक्ति की बहेगी बयार
जैन समाज का पवित्र पर्व दसलक्षण महापर्व 16 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। यह दस दिवसीय महापर्व आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का प्रतीक है। मंदिरों में कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है और 27 सितंबर को भव्य रथयात्रा होगी। इस वर्ष जैन समाज में विशेष उत्साह है।

अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। जैन समाज के आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण के सबसे पवित्र पर्व दसलक्षण महापर्व का शुभारंभ 16 सितंबर से होने जा रहा है। दस दिवसीय इस महापर्व को लेकर शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। 16 से 25 सितंबर तक मंदिरों में विभिन्न कार्यक्रम व 27 सितंबर को पालकी यात्रा और भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। पदाधिकारियों ने कार्यक्रमों को लेकर गुरुवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया।पत्रकार वार्ता में मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न कुमार जैन, महामंत्री विजय कुमार जैन, मुख्य संयोजक राजीव जैन, मीडिया प्रभारी मयंक जैन एवं संयोजक अंशुल जैन, शरद, प्रशांत जैन ने बताया कि दसलक्षण पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मा को विकारों से दूर कर आत्मशुद्धि की ओर ले जाने वाला महापर्व है।
उन्होंने कहा कि दस दिनों तक श्रद्धालु क्रोध, मान, माया, लोभ आदि विकारों को त्यागने का संकल्प लेते हुए संयम, तप, त्याग और साधना के माध्यम से जीवन को पवित्र बनाने का प्रयास करते हैं। इस वर्ष दसलक्षण महापर्व को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह है। उपाध्याय मुनि शिवदत्त सागर महाराज, मुनि पद्मदत्त सागर महाराज का सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। सभी प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य बा. ब्र. राकेश भैय्या के निर्देशन में संपन्न होंगे।


