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रियासी हमले के पीछे खतरनाक आतंकी अबू हमजा का हाथ? सुरक्षाबलों के लिए बना है सिरदर्द

रियासी में हुए आतंकी हमले में 9 लोगों की मौत हो गई। सूत्रों का कहना है कि इस हमले के पीछ लश्कर का आतंकी अबू हमजा हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

रियासी हमले के पीछे खतरनाक आतंकी अबू हमजा का हाथ? सुरक्षाबलों के लिए बना है सिरदर्द
Ankit Ojhaलाइव हिन्दुस्तान,जम्मूMon, 10 Jun 2024 10:47 PM
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बीते कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर का पुंछ और राजौरी आतंकियों का हब बन रहा है। यहां कई बार आतंकी आम लोगों को भी निशाना बना चुके हैं। वहीं रियासी में शिव खोड़ी से लौट रहे श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। जम्मू-कश्मीर में मौजूद ज्यादातर आतंकी पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं। ये आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा या फिर जैश-ए-मोहम्मद से हैं। 

हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन विदेशी आतंकवादियों की तस्वीरें जारी की थीं जो कि राजौरी पुंछ इलाके में ही ऐक्टिव थे। ये सभी आतंकवादी लश्कर से जुड़े थे। इसमें से पहले का नाम अबू हमजा बताया गया था जो कि लश्कर का टॉप कमांडर था। इसके अलावा दूसरे की पहचान फौजी के रूप में हुई जो कि पाकिस्तानी सेना में भी कमांडो रह चुका है। तीसरे की पहचान आदुन के रूप में हुई थी जो कि इस रीजन में एक साल से ऐक्टिव था। 

सुरक्षाबलों के सूत्रों के मुताबिक संभावना है कि रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर हमला करने वाले आतंकी इनमें से से ही हों। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं की गई है। अबू हमजा एक पाकिस्तानी आतंकी है और उसकी उम्र 32 साल के करीब है। उसपर भारत में 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक  एलओसी से ही घुसपैठ करके वह जम्मू रीजन में पहुंचा। वह हाल में हुए कई आतंकी हमलों का जिम्मेदार है। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा था कि 4 जून को वायुसेना के काफिले पर हुए हमले के लिए अबू हमजा ही जिम्मेदार था। 22 अप्रैल को एक सरकारी कर्मचारी की हत्या भी उसने ही करवाई थी। एजेंसियों का कहना है कि अबू हमजा की ट्रेनिंग पाकिस्तानी सेना ने ही करवालई है। इसके बाद वह एक और आतंकी के साथ घुसपैठ करके भारत आ गया। सुरक्षा बल लंबे समय से इन आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। इस इलाके में घने जंगल और पहाड़ियां हैं। ऐसे में ये आतंकी घात लगाकर हमला कर देते हैं। इन आतंकियों का जम्मू-कश्मीर में मौजूद रहना सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वैन ने कहा था कि कम से कम 70 से 80 विदेशी आतंकी घाटी में सक्रिय हैं। 

बता दें कि सोमवार को रियासी में शिव खोड़ी से लौट रही एक बस पर आतंकियों ने गोलीबारी कर दी थी। ड्राइवर को गोली लगने के बाद बस खाईं में गिर गई। आतंकी इसके बाद भी गोलीबारी करते रहे। इस आतंकी घटना में 9 लोगों की मौत हो गई और 33 लोग घायल हो गए।