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Cyclone Vayu : जानें कैसे होता है चक्रवात का नामकरण, नाम चुनने का क्या है तरीका

cyclone vayu changes course wont make landfall in gujarat  met department

माला, हेलेन, नरगिस और निलोफर...ये गुजरे जमाने की बॉलीवुड हीरोइन के नाम सुनते ही उस दौर की फिल्में और उनमें उनका ग्लैमरस अंदाज याद आ जाता है। मगर यहां गुजरे जमाने की फिल्मों की बात नहीं की जा रही है, बल्कि जानलेवा चक्रवात की बात हो रही है। इत्तेफाक से यह सभी नाम बीते समय में आए चक्रवात के हैं। जैसे इस समय वायु चक्रवात के गुजरात के तटीय क्षेत्र से टकराने का अंदेशा जताया गया था। 

तटीय क्षेत्रों में तबाही मचाने वाले तूफानों के नामकरण को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा होती है। तो आइए जानते हैं कि इन तूफानों के नाम कैसे रखे जाते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में ओडिशा में आए चक्रवात को फेनी नाम दिया गया था। यह नाम बांग्लादेश ने सुझाया था। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक फेनी का मतलब सांप का फन है। 

हिंद महासागर में आने वाले तूफानों का नामकरण

विश्व मौसम विज्ञान संगठन/एशिया आर्थिक एवं सामाजिक आयोग और पैसिफिक पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन ओमान के मस्कट में वर्ष 2000 में आयोजित अपने 27वें सत्र में इस बात पर सहमत हुए थे कि वे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आने वाले चक्रवात के नाम तय करेंगे। सदस्य देशों के बीच लंबे विचार-विमर्श के बीच उत्तर हिंद महासागर में आने वाले चक्रवात का नामकरण सितंबर 2004 से शुरू हुआ।

8 देश देते हैं नामों के सुझाव 

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से सटे आठ देश नामों के सुझाव देते हैं, जिन्हें क्रमिक तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इन देशों में बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमा, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं। यह देश वर्णक्रमानुसार तूफानों के नाम सुझाते हैं।

भारत ने सुझाया 'वायु' नाम
गुजरात के तटीय इलाकों को हाल ही में छूकर गुजरने वाले चक्रवात का नाम 'वायु' भारत ने सुझाया था। इन आठ देशों की ओर से सुझाए गए 64 नामों में से 57 इस्तेमाल में लाए जा चुके हैं। भारत की ओर से सुझाए गए नामों में अग्नि, जली, बिजली, आकाश शामिल हैं। श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान ने क्रमश: माला, हेलेन और निलोफर के नाम सुझाए थे। इन सूचियों का इस्तेमाल वर्णक्रमानुसार हो सकता है और उन्हें कुछ वर्षों के अंतराल पर दोहराया नहीं जाता, जबकि अटलांटिक और ईस्टर्न पैसिफिक सूचियों में नामों को कुछ वर्षों के अंतराल पर दोहराया जाता है।

आरएसएमसी देता है पहचान

यहां स्थित क्षेत्रीय विशेषीकृत मौसम विज्ञान केंद्र (आरएसएमसी) नामों की सूची से चक्रवाती तूफानों को एक पहचान देता है। इस पहचान प्रणाली के दायरे में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों आते हैं। लिहाजा, उदाहरण के तौर पर बांग्लादेश ने सूची में पहले स्थान पर 'ओनिल का नाम सुझाया। 'ओनिल सितंबर-अक्टूबर 2004 के बीच गुजरात तट के पास अरब सागर से उत्पन्न हुआ था। इसने राज्य में दस्तक दी थी, लेकिन नुकसान भारत और पाकिस्तान दोनों को हुआ था। थाइलैंड की ओर से सुझाया गया चक्रवात 'फेटई बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ था और उसने आंध्र प्रदेश में दस्तक दी थी। इससे पिछले साल दिसंबर में तटीय जिले बहुत प्रभावित हुए थे।

तूफान महिला है या पुरुष?

तूफान का लिंग क्या है वो पुरुष है या महिला? ज्यादातर तूफान के नाम महिलाओं के नाम पर होते हैं। अमेरिकी मौसम विभाग ने 1953 में ये निर्धारित किया था कि ए से लेकर डब्ल्यू तक जितने भी महिलाओं के नाम हो सकते हैं उसी पर तूफानों का नाम निर्धारित होगा। महिला संगठनों ने इसका विरोध करने पर नया नियम लाया गया। नए नियम के तहत अगर ऑड वर्षों में तूफान आएगा तो उसका नाम महिला के नाम पर होगा और अगर इवेन साल में तूफान आएगा तो उसका नाम पुरुष के नाम पर रखा जाएगा।

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  • Web Title:cyclone vayu know how cyclones are named and what is its process