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Cyclone Fani live updates: ओडिशा में 5 की मौत, 12 लाख लोग शिफ्ट, 160 घायल, कई शहर-गांव जलमग्न

1 / 3चक्रवात 'फोनी ने दी ओडिशा में दस्तक, तीन की मौत

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2 / 3आज ओडिशा के तट से टकराएगा 'फानी', 24 घंटे तक सभी उड़ानें रद्द (अरिजित सेन / एचटी)

3 / 3एएनआई फोटो

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 Cyclone Fani Live Updates: भारी बारिश और 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान  ने शुक्रवार सुबह ओडिशा तट पर दस्तक दे दी जिसमें कम से कम पांच लोग मारे गये। तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गये और झोपड़ियां तबाह हो गयीं। साथ ही कई शहर और गांव जलमग्न हो गये।

सुबह आठ बजे तूफान ने दी दस्तक

अत्यधिक प्रचंड चक्रवाती तूफान फेनी ने सुबह करीब आठ बजे पुरी में दस्तक दी। फेनी का अर्थ है 'सांप का फण। भारी बारिश के साथ प्रचंड हवा ने तीर्थ नगरी में झोपड़ियों को लील लिया। भारी बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में स्थित घर डूब गये। विशेष राहत आयुक्त बी. पी. सेठी ने कहा कि पुरी, नयागढ़ और केंद्रपाड़ा जिलों में तीन लोगों के मरने की खबर है।

दर्दनाक मौत

पुरी में एक किशोर लड़के के ऊपर पेड़ के गिर जाने से उसकी मौत हो गयी। नयागढ़ में कंक्रीट के बने एक ढांचे से उड़ रहे मलबों की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गयी जबकि केंद्रपाड़ा जिले में एक राहत शिविर में दिल का दौरा पड़ने से बुजुर्ग महिला की मौत हो गयी।

चक्रवात का केंद्र

बिस्वास ने बताया कि चक्रवात का केंद्र करीब 28 किलोमीटर दूर है और वह 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। पुरी और आसपास के इलाकों में 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है जो 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छू सकता है।

अब तक का सबसे बड़ा बचाव कार्य

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के डीआईजी रणदीप राणा ने कहा कि एहतियात बरतने की वजह से अब तक अधिक लोगों के हताहत होने की खबर नहीं है। राज्य प्रशासन ने चक्रवात से दो दिन पहले करीब 10,000 गांवों और 52 शहरी इलाकों से करीब 11 लाख लोगों को हटा लिया था जो देश में प्राकृतिक आपदा के समय संवेदनशील जगहों से लोगों को निकालने का संभवत: अब तक का सबसे विशाल स्तर पर किया गया बचाव कार्य है।

चक्रवात के दौरान जन्मी बच्ची का नाम रखा गया 'बेबी फेनी'

भुवनेश्वर के रेलवे अस्पताल में आज दोपहर तकरीबन 11 बजे जन्म लेने वाली बच्ची का नान डॉक्टरों ने 'बेबी फेनी' रखा है।

4000 से अधिक शिविर

ये सभी लोग 4,000 से अधिक शिविरों में ठहरे हुए हैं जिनमें से विशेष रूप से चक्रवात के लिये बनाये गये 880 केंद्र शामिल हैं। सेठी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के दस्तक देने के बाद से यह खुर्दा, कटक, जयपुर, भद्रक और बालेश्वर की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल में दस्तक देगा। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर में 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कनेक्टिविटी ठप

राज्य की राजधानी भुवनेश्वर एवं अन्य कई इलाकों में संचार लाइनें बाधित हो गयी हैं। मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गये हैं और कई जगहों पर बिजली की आपूर्ति काट दी गयी है। भुवनेश्वर से मिली खबर के अनुसार कई पेड़ टूटकर गिर गये हैं जिससे सड़कें बाधित हो गयी हैं। ओडिशा में फेनी के दस्तक देने के बाद पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल भी इसके प्रकोप से खुद को बचाने के लिये तैयारी कर रहा है।

पश्चिम बंगाल अलर्ट पर

कोलकाता में बादल घिरे हैं और शुक्रवार सुबह से कई अन्य इलाकों में बारिश से मौसम सुहाना हो गया है, हालांकि इसकी वजह से राज्य की राजधानी के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है। शहर में कई अलग-अलग जगहों से यातायात जाम की खबरें आ रही हैं। बहरहाल तूफान ने राजनीतिक पारे को कम कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले 48 घंटे के लिये पूर्वनियोजित अपनी सभी चुनावी रैलियों को रद्द कर दिया है और स्थति पर नजर रख रही हैं।

मौसम विभाग ने चेताया

मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार चक्रवात सप्ताहांत तक पश्चिम बंगाल में दस्तक दे सकता है। 100 और 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और मछुआरों को समुद्र नहीं जाने का निर्देश दिया गया है। पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर सहित कई जिलों, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के अलावा हुगली, झारग्राम, कोलकाता और सुंदरबन के भी चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है। इसके बाद बांग्लादेश ओर बढ़ते हुए इसका असर कम होता जायेगा।

हवाईअड्डे बंद

भुवनेश्वर और कोलकाता में हवाईअड्डे बंद कर दिये गये हैं। नयी दिल्ली स्थित विमानन नियामक संस्था डीजीसीए ने बताया कि कोलकाता हवाईअड्डे पर शुक्रवार दिन में तीन बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक न तो कोई विमान हवाईअड्डा पर उतरेगा और न ही वहां से उड़ान भरेगा। नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को कई ट्वीट कर बताया कि सभी एयरलाइनों को चक्रवात फेनी से प्रभावित यात्रियों की चिंताओं पर निश्चित रूप से तत्काल जवाब देना चाहिए।

220 से अधिक ट्रेनें रद्द

उन्होंने ट्वीट किया कि हम सभी चक्रवात फेनी के चलते फंसे हुए जरूरतमंद लोगों को मदद उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिये नियंत्रण कक्ष, हेल्पलाइनें हर समय चालू हैं। सभी एयरलाइनों को निश्चित रूप से यात्रियों की चिंताओं पर तत्काल जवाब देना चाहिए। प्रभु ने यह भी कहा कि राहत एवं बचाव अभियान में प्रभावित राज्यों की मदद के लिये उनका मंत्रालय उन राज्यों की सरकारों से संपर्क में रहेगा। शनिवार तक कोलकाता-चेन्नई मार्ग पर 220 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

(02/05/2019) चक्रवात से पहले की कवरेज

नासा ने भारतीय समुद्र तट के पास च्रकवात फानी की उपस्थिति दर्ज की

नासा के उपग्रहों एक्वा और टेरा ने चक्रवात फेनी की उपस्थिति दर्ज की है, जो भारत के पूर्वी तट के साथ-साथ उत्तर की ओर आगे बढ़ रहा है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने एक ब्लॉग में कहा कि उपग्रहों ने चक्रवात फानी की तस्वीरें मुहैया कराई है। उसने कहा, फानी 30 अप्रैल और एक मई को उत्तरी हिंद महासागर के माध्यम से उत्तर की ओर आगे बढ़ रहा था, जब एक्वा और टेरा उपग्रहों ने इसकी तस्वीरें मुहैया कराई थी।

 

प्रधानमंत्री ने चक्रवात फानी की स्थिति से निपटने की तैयारी की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात फानी की स्थिति को लेकर बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री को चक्रवात के संभावित मार्ग की जानकारी दी गयी। साथ ही फानी को लेकर एहतियात के तौर पर और स्थिति से निटपने की तैयारी के तौर पर उठाये गये कदमों की जानकारी दी गयी। स्थिति की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाये रखने का निर्देश दिया ताकि एहतियाती कदम तथा जरूरत के हिसाब से राहत एवं बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाये जा सकें। इस उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधानसचिव, प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, गृह सचिव, भारतीय मौसम विभाग, एनडीआरएफ, एनडीएमए और प्रधानमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी शामिल हुए।

NDRF की 81 टीमें तैनात

चक्रवातीय तूफान फानी से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 81 टीमों को तैनात किया गया है। इन टीमों में चार हजार से अधिक विशिष्ट कर्मी शामिल हैं। चक्रवात के ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को प्रभावित करने की संभावना है। चक्रवात के शुक्रवार को ओडिशा में पुरी के दक्षिणी हिस्से में दस्तक देने की संभावना है। एनडीआरएफ के प्रमुख एस एन प्रधान ने 'पीटीआई-भाषा को बताया कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में लगभग 50 टीम पहले से ही तैनात है जबकि अन्य 31 टीमों को तैयार रखा गया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक (डीजी) ने बताया कि ओडिशा में पुरी के आस-पास अत्याधुनिक साजो सामान से लैस 28 टीमों को तैनात किया गया है।

इसी तरह आंध्र प्रदेश में 12 टीमों और पश्चिम बंगाल में छह टीमों को तैनात किया गया है। बाकी टीमों, जिनमें से प्रत्येक में लगभग 50 कर्मचारी शामिल हैं, उन्हें इन राज्यों में तैयार रखा गया है। प्रधान ने कहा कि ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और पुरी में बचाव और राहत दल की गतिविधियों की निगरानी के लिए एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और एक कमांडेंट-रैंक के अधिकारी को भी काम सौंपा गया है। तमिलनाडु और केरल में एनडीआरएफ टीमों को भी अलर्ट किया गया है।

फानी के प्रभाव से आंध्र के उत्तरी तटीय इलाकों में बारिश

आंध्र प्रदेश के उत्तर तटीय इलाकों में गुरुवार को तेज बारिश हुई क्योंकि ये इलाके बंगाल की खाड़ी के समीप स्थित हैंऔर अभी बंगाल की खाड़ी चक्रवाती तूफान फानी के चपेट में है। उड़ीसा की सीमा से लगे आंध्र के तटीय इलाके में स्थित श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापट्टनम जिलों में 50 किलोमीटर प्रति रफ्तार की तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। पूवीर् गोदावरी जिले के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई। चूंकि उड़ीसा से सटे श्रीकाकुलम जिले में इस चक्रवाती तूफान के प्रभाव की संभावना सबसे ज्यादा है इसलिए अधिकारियों ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिला अधिकारियों ने नागवली और वंशधारा नदियों के किनारे स्थित गांवों के लोगों को सचेत कर दिया है।

200 गांवों के प्रभावित होने की आशंका

भारतीय मौसम विभाग द्वारा जिले में तेज बारिश होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। आंध्र प्रदेश सरकार की रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (आरटीजीएस)के अधिकारियों के अनुसार, श्रीकाकुलम जिले के तटीय भागों में 123 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के बहने की संभावना है। सभी तटीय इलाकों में अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्य सचिव एल.वी. सुब्रमण्यम ने कहा है कि प्रत्येक मंडल के लिए एक विशेष अधिकारी को नियुक्त किया गया है क्योंकि इस चक्रवाती तूफान से 200 गांवों के प्रभावित होने की आशंका है, जन हानि को रोकने के लिए अधिकारियों ने उपाय किए हैं।

नायडू ने की नवीन पटनायक से बात

राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को आरटीजीएस के अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग संग स्थिति की पुन: समीक्षा की। उन्होंने अपने समकक्ष उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी बात की और चक्रवाती तूफान के चलते आने वाली परिस्थितियों के बारे में भी आलोचना की। इस स्थिति से निपटने के लिए नायडू ने उड़ीसा को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

कोलकाता-चेन्नई मार्ग की उड़ीसा तटवर्ती लाइन पर 223 ट्रेनें रद्द

भारतीय रेलवे ने चक्रवाती फानी की वजह से कोलकाता-चेन्नई मार्ग की उड़ीसा तटवर्ती लाइन पर चलने वाली 223 ट्रेनों को चार मई तक रद्द कर दिया है।

भुवनेश्वर, कोलकाता हवाई अड्डों पर उड़ानों का परिचालन रद्द
 
भारतीय विमानन निकाय डीजीसीए ने बृहस्पतिवार को कहा कि चक्रवात फेनी की वजह से भुवनेश्वर आने और जाने वाली उड़ानें तीन मई को 'रद्द रहेंगी। डीजीसीए ने कहा कि चक्रवात फेनी की वजह से तीन मई रात साढ़े नौ बजे से चार मई शाम छह बजे के बीच कोलकाता हवाई अड्डे से उड़ानों की आवाजाही बंद रहेगी। 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के ओडिशा के तट पर शुक्रवार को पहुंचने के आसार हैं। परामर्श में कहा गया है कि संबंधित हवाई यातायात नियंत्रण से मंजूरी मिलने के बाद ही उड़ानों का परिचालन शुरू होगा।

 

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