फर्जी स्कॉलरशिप ऑफर से छात्रों को ठगने की साजिश
साइबर अपराधियों ने छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। फर्जी छात्रवृत्ति के ऑफर के माध्यम से बैंक खाता और गोपनीय जानकारियां मांगी जा रही हैं। पुलिस ने जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है और बताया है कि कोई भी सरकारी संस्था बिना आवेदन के छात्रवृत्ति नहीं देती।

साइबर अपराधियों ने अब छात्रों और उनके अभिभावकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। फर्जी स्कॉलरशिप ऑफर के जरिए लोगों से बैंक खाते, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल करने के साथ-साथ प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम वसूलने की कोशिश की जा रही है। साइबर पुलिस को हाल के दिनों में ऐसे कई मामलों की जानकारी मिली है, जिसके बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार, ठग मोबाइल कॉल, व्हाट्सएप संदेश, एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से छात्रों से संपर्क कर दावा करते हैं कि उन्हें किसी सरकारी या निजी संस्था की छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है।
इसके बाद एक लिंक भेजकर आवेदन सत्यापित करने, बैंक खाता अपडेट करने अथवा आधार और ओटीपी साझा करने के लिए कहा जाता है। कई मामलों में छात्रवृत्ति जारी करने से पहले प्रोसेसिंग फीस या रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करने का भी दबाव बनाया जाता है। जमशेदपुर में भी हाल के दिनों में करीब 12 छात्रों के पास इस तरह के कॉल और संदेश आने की जानकारी साइबर पुलिस को मिली है। अधिकांश मामलों में छात्रों और अभिभावकों ने पैसे जमा करने से पहले जानकारी की पुष्टि की, जिससे ठगी का प्रयास विफल हो गया। पुलिस का कहना है कि समय रहते सतर्कता बरतने से बड़ी आर्थिक क्षति टल गई। साइबर पुलिस का कहना है कि कोई भी सरकारी विभाग या मान्यता प्राप्त संस्था बिना आवेदन किए छात्रवृत्ति स्वीकृत नहीं करती और न ही ओटीपी, बैंक पासवर्ड या प्रोसेसिंग फीस की मांग करती है। किसी भी स्कॉलरशिप संबंधी सूचना पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक पोर्टल या शिक्षण संस्थान से सत्यापन अवश्य करें।


