साइबर ठगों ने रेलवे कर्मी समेत तीन के खाते से पार किए रुपये
साइबर ठगों ने रेलवे कर्मचारी के खाते से 15.20 लाख रुपये और एक महिला के खाते से 6.24 लाख रुपये पार कर दिए। जालसाज ने डीआरएम कार्यालय का कर्मी बनकर ठगी की। पीड़ितों ने दो अलग-अलग जगहों पर घटना की जानकारी पुलिस को दी और रिपोर्ट दर्ज कराई।

साइबर ठगों ने एपीके फाइल भेजकर रेलवे कर्मी के खाते से 15.20 लाख रुपये पार कर दिए। वहीं, महिला समेत दो के खाते से 6.24 लाख रुपये पार कर दिए। कहीं जालसाज ने डीआरएम कार्यालय का कर्मी बनकर फंसाया तो कहीं यूपीआई की मदद से रुपये निकाले। साइबर ठगी के यह मामले गोमतीनगर, चिनहट व मदेयगंज के हैं। पुलिस ने सभी मामले दर्ज कर लिए। विशालखंड-1 निवासी प्रदीप कुमार निगम ने बताया कि बीती 27 जून को उनके पास एक फोन आया था। फोन पर बात करने वाले शख्स ने अपना नाम डीआरएम कार्यालय से सिद्धू कुशवाहा बताया था। जालसाज ने मई के वेतन संबंधी बात की तो दो एपीके फाइल भेजकर कहा कि इसमें आपका पीपीओ एनओ नंबर, अकाउंट नंबर, कार्ड नंबर समेत अन्य जानकारी की।
ठगी से अंजान पीड़ित ने जैसे ही फाइल पर क्लिक किया तो पीएनबी खाते से कई बार में 15.20 लाख रुपये निकल गए। यह देखकर वह परेशान है। पीड़ित ने फौरन घटना की जानकारी पुलिस को दी और रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं, मूल रूप से सिवान बिहार निवासी शैलेश कुमार ठाकुर चिनहट के नौबस्ता कला स्थित यमुना एंक्लेव में रहते हैं। उनका खाता केनरा बैंक चिनहट शाखा में है। 29 जून को साइबर जालसाज ने उनके खाते से सात बार में 5,26,036 रुपये पार कर दिए। मैसेज देख पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक में शिकायत करने के बाद पीड़ित ने चिनहट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।उधर, मदेयगंज के खदरा निवासी अनीशा बानो का खाता कोटक महिंद्रा बैंक लाटूश रोड कानपुर में है। उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज ने कई ऐप के माध्यम से उनके खाते से 98 हजार रुपये गायब कर दिए। छानबीन में पता चला कि रुपये एक अन्य खाते में ट्रांसफर हुए हैं। पीड़िता ने मदेयगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।


