अब ग्रीन गैस कनेक्शन काटने के नाम पर ठगी, पांच से प्रयास
-साइबर जालसाजों ने व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर हैक किए मोबाइल -पारिजात के पांच आवंटियों

साइबर जालसाजों ने ग्रीन गैस कर्मी बनकर कनेक्शन काटने की धमकी देकर एपीके फाइल का लिंक भेजा और मोबाइल हैक कर 96,249 रुपये ठग लिए। पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, जालसाजों ने इसी तरह पारिजात अपार्टमेंट के पांच आव allotmentों को भी एपीके फाइल भेजकर ठगी का प्रयास किया। हालांकि, आरडब्ल्यू की सतर्कता से मैसेज डिलीट कर लोगों को ठगी का शिकार होने से बचा लिया गया। गोमतीनगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी के मुताबिक पीड़ित विनीतखंड छह निवासी भरत सिंह हैं। उन्होंने बताया कि एक सितंबर को मकान मालकिन के नाम से उनके मोबाइल पर मैसेज आया। मैसेज में ग्रीन गैस बिल अपडेट न होने की बात कही गई। मैसेज में दया मिश्रा का मोबाइल नंबर दिया गया था। भरत के मुताबिक वह बिल का भुगतान पहले ही कर चुके थे। चूंकि मैसेज मकान मालकिन के नाम से था इस लिए उन्होंने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। फोन रिसीव करने वाले ने खुद को ग्रीन गैसकर्मी बताया। उसने एक लिंक भेजा और उसे क्लिक करने को कहा। लिंक क्लिक करते ही 12 रुपये भुगतान करने को कहा। कार्ड डिटेल भरते ही बैंक खाते से 96,249 रुपये निकल गए। आनन फानन 1930 और साइबर सेल में शिकायत की। इसके बाद गोमतीनगर थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पारिजात के पांच आवंटियों को लिंक भेजकर ठगी की कोशिश
आरडब्ल्यू के मुताबिक साइबर जालसाजों ने ग्रीन गैस कंपनी का कर्मी बताकर आवंटी स्वामीनाथ द्विवेदी, कौशल झा, डॉ. दिलीप कुमार सिंह को फोन किया। गैस कनेक्शन काटने की धमकी, बिजली मीटर अपडेट करने का झांसा देकर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लिए। जालसाजों ने आरडब्ल्यूए के ग्रुप पर भी एपीके फाइल भेजी। आवंटियो को पीएनजी कनेक्शन का बिल बकाया होना बताया और जमा करने के लिए मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करने की प्रक्रिया बताई। पहले से जागरूक आवंटियों ने फोन काटकर फाइल डिलीट कर दी। आरडब्ल्यूए के ग्रुप में मैसेज साझा करके सभी को सचेत किया।
वेंडरों को डेटा देने से लीक हो रहे मोबाइल नंबर
आरडब्ल्यूए और आवंटियों का आरोप है कि कंपनी के द्वारा वेंडरों को उनका डेटा दिया जाता है। इससे उनके नंबर लीक हो रहे हैं। डेटा लीक होने से जालसाजों को उनके नंबर मिल जाते हैं और वह ठगी की कोशिश कर रहे हैं।
चार राज्यों में जालसाजों ने भेजी रकम
बीते दिनों चार लोगों से ग्रीन गैस कनेक्शन काटने के नाम पर एपीके फाइल भेजकर हुई 46.48 लाख की ठगी के मामले में साइबर क्राइम सेल की चार टीमें तफ्तीश कर रही हैं। प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला है कि जालसाजों ने पश्चिम बंगाल, अहमदाबाद और झारखंड के बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की थी। पुलिस ने खाते फ्रीज कराने के लिए बैंक से डिटेल मांगी तो पता चला कि जालसाजों ने रुपये क्रेडिट कार्ड से निकाल लिए है। इस लिए इन चार मामलों में अभी रकम फ्रीज नहीं हो सकी है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना आलोक कुमार राव के मुताबिक क्रेडिट कार्ड कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।
एक क्लिक में जालसाज खाली कर रहे खाते रहें सावधान
पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने बताया कि अंजान नंबरों से आने वाले लिंक को कतई क्लिक न करें। अन्यथा बैंक खाते खाली हो सकते हैं। इसको लेकर सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। एडीसीपी के मुताबिक साइबर थाने और क्राइमब्रांच की चार टीमें गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। जालसाजों के मोबाइल नंबर के आधार पर कई अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही गिरोह का राजफाश किया जाएगा।
बरतें सावधानी :
-किसी भी अज्ञात नंबर से व्हाटएसप पर प्राप्त एपीके फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टाल न करें
-गैस/बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर भेजे गए किसी भी लिंक या फाइल पर विश्वास न करें
-ओटीपी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड डिटेल्स अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें
-केवल अधिकृत माध्यमों से ही ग्रीन गैस/मीटर संबंधी जानकारी का सत्यापन करें
-कोई भी संदिग्ध कॉल/मैसेज आए तो तत्काल 1930 पर सूचना दें अथवा निकटतम साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें


