छात्रों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर साइबर फ्रॉड, 2 शातिर गिरफ्तार
छात्रों के नाम पर फर्जी बैंक खातों के खुलने के मामले में दो शातिर अपराधियों को साहिल और रवि कुमार ने गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी छात्राओं को स्कॉलरशिप का झांसा देकर उनके आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग करते थे। पुलिस ने आवश्यक उपकरण भी बरामद किए हैं।

छात्रों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर साइबर फ्रॉड, 2 शातिर गिरफ्तार स्कॉलरशिप का झांसा देकर आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का किया गया दुरुपयोग प्रति खाता 5 हजार रुपये का मिला था लालच, एएसपी ने किया मामले का खुलासा लैपटॉप, स्कैनर व पासबुक सहित कई उपकरण बरामद शेखपुरा/बरबीघा, हिन्दुस्तान संवाददाता। बरबीघा के मिशन थाना की पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी भोले-भाले छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) का फॉर्म भरने का झांसा देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलते थे और फिर उन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के पैसों के लेनदेन में करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरबीघा के गंजपर मोहल्ला निवासी अरविंद साव के पुत्र रवि कुमार और मालदा निवासी शंभू साव के पुत्र साहिल कुमार के रूप में हुई है। शनिवार को एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया।
ऐसे हुआ था फर्जीवाड़े का खुलासा:
एएसपी ने बताया कि 05 अगस्त को मिशन थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी छात्रा शिवानी कुमारी समेत अन्य छात्राओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जुलाई माह में शिवानी को अपने नाम से चल रहे एक बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन की भनक लगी, जिसकी जानकारी उसने अपने परिजनों को दी। परिजन जब पूछताछ के लिए बरबीघा स्थित ज्ञानवृक्ष लाइब्रेरी पहुंचे, तो संचालक वहां से फरार हो गया। इसके बाद थाने में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया। 5 हजार रुपये प्रति खाते का था लालच: पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी और ज्ञानवृक्ष लाइब्रेरी के संचालक रवि कुमार ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसके घर के सामने रहने वाले सोनू कुमार ने उसे प्रत्येक बैंक खाते के बदले 05 हजार रुपये देने का लालच दिया था। इसके बाद रवि ने ऑनलाइन स्कॉलरशिप का फॉर्म भरने के नाम पर कई छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड लिए और फिंगरप्रिंट स्कैनर पर उनके अंगूठे का निशान लगवाकर फिनो पेमेंट्स बैंक में गुपचुप तरीके से उनके खाते खुलवा दिए। बाद में ये सभी खाते साइबर फ्रॉड के लिए सोनू कुमार को सौंप दिए गए। सीएसपी संचालक भी फर्जीवाड़े में शामिल मामले का दूसरा गिरफ्तार आरोपी साहिल कुमार एयरटेल पेमेंट्स बैंक का सीएसपी और साइबर कैफे संचालित करता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि साहिल ने ही जुलाई में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का फॉर्म भरने के दौरान 20 से अधिक छात्राओं के नाम पर अवैध रूप से बैंक खाते खुलवाए थे, जिनमें साइबर ठगी के पैसों का लगातार लेनदेन किया जा रहा था। पुलिस ने बरामद किए ये उपकरण: छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त कई अहम उपकरण बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप और चार्जर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, कई मोबाइल फोन, फिनो पेमेंट्स बैंक के कई एटीएम कार्ड और पासबुक, आधार कार्ड व अन्य संदिग्ध दस्तावेज शामिल हैं। (शेखपुरा से संजय कुमार मेहता)


