हरिद्वार और कानपुर के रहने वाले दो साइबर ठग गिरफ्तार
बस्ती। ग्राहक सेवा केन्द्रों से भुगतान लेने के लिए खाते में पैसा ट्रांसफर करने

बस्ती। ग्राहक सेवा केन्द्रों से भुगतान लेने के लिए खाते में पैसा ट्रांसफर करने की फर्जी स्लिप दिखाकर गोलमाल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। शहर कोतवाली क्षेत्र में अस्पताल चौराहे के पास एक ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक से फ्राड करने के बाद से साइबर थाना पुलिस इस रैकेट की तलाश में थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर साइबर टीम ने दोनों शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से चार एण्ड्रायड मोबाइल, 20 हजार रुपये नगद और चार पहिया गाड़ी बरामद की गई है। इटावा, फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर में भी शातिर साइबर ठगी कर चुके हैं।
साइबर अपराध का नया तरीका
एएसपी श्यामकांत ने बताया कि साइबर अपराध का यह नया तरीका है। साइबर ठग ग्राहक सेवा केंद्र पर पहुंचकर बोलते हैं कि मैं आपके क्यूआर पर पैसे डाल देता हूं। आप अपना कमीशन लेकर मुझे कैश दे दीजिए। इसके बाद ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक को अपने मोबाइल में फोन पे/गूगल पे की फेक पेमेंट रसीद/स्क्रीनशॉट दिखाते हैं, जिसमें सफल भुगतान लिखा रहता है। इसे देखकर ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक को यकीन हो जाता है कि भुगतान हो गया और अपना कमीशन काटकर भुगतान कर देते हैं। पैसा लेकर साइबर ठग चले जाते हैं। जब बाद में सीएचसी संचालक अपना खाता चेक करता है तो पता चलता है कि उनके खाते में कोई पैसा आया ही नहीं है।
जालसाजों का शिकार
इसी पैटर्न पर जालसाजों ने बीते दो सितंबर को जिला अस्पताल चौराहे के पास स्थित दुकानदार सुनील कुमार गुप्ता को अपना शिकार बनाया। उन्हें 9090 रुपये का फर्जी स्क्रीन शाट दिखाकर कैश रुपये लेकर भाग निकले। जालसाज ने भुगतान होने की फर्जी रसीद भी दुकानदार के व्हाट्सअप पर भेजी थी। प्रकरण में साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने शातिर विशाल कुमार चौधरी निवासी लधौरा थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार और रिषभ सिंह भदौरिया निवासी करौली सरकार, थाना सेन पश्चिम पारा, जनपद कानपुर देहात को गिरफ्तार कर लिया। टीम दोनों से पूछताछ कर अन्य घटनाओं में इनकी संलिप्तता का पता लगा रही है।


