म्यूल अकाउंट खुलवाने में पोस्टमैन समेत छह गिरफ्तार
वाराणसी में साइबर ठगों को बैंक खाते बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक पोस्टमैन भी शामिल है। आरोपियों ने कुल 67 बैंक खाते खोले और 76 लाख रुपये ठगे। आरोपियों ने गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाए।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। सिगरा पुलिस ने म्यूल अकाउंट खुलवाकर साइबर ठगों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की सरगना सोनभद्र की युवती है। इस गिरोह में पोस्ट ऑफिस का संविदा पर तैनात पोस्टमैन भी है। वह लोगों के बैंक अकाउंट के किट पते पर न पहुंचाकर आरोपियों को देता था। डीसीपी अपराध नीतू कादयान, एसीपी चेतगंज शुभम सिंह ने रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। बताया कि सभी आरोपियों को सिगरा पुलिस ने महमूरगंज तिराहे से गिरफ्तार किया। आरोपियों में सरगना सोनभद्र के बरियारी (म्योरपुर) निवासी आरती कुमारी, कुशमाहा (म्योरपुर) निवासी मालती, डुमरडीहा (दुद्धी) निवासी उमंग कुमार, सिगरा स्थित जयप्रकाश नगर निवासी अनिल कुमार, शिवपुरवा के निराला नगर में रहने वाला जौनपुर के बड़की भड़ेरी (केराकत) निवासी जितेंद्र कुमार कन्नौजिया, महमूरगंज के रानीपुर निवासी शोभनाथ हैं। इसमें शोभनाथ पोस्टमैन है। आरोपियों के पास से चार खुले चेकबुक, तीन सील चेकबुक, तीन सील डेबिट कार्ड, 11 पासबुक, छह मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड, तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद किया गया। जितेंद्र कन्नौजिया पर पहले से जौनपुर में साइबर ठगी में केस दर्ज है.
67 खाते खुलवाए, 76 लाख ठगी के रुपये आए
आरोपियों ने अब तक कुल 67 बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को कमीशन पर बेचे। इन खातों में 21 साइबर ठगी के मामलों में कुल 76 लाख 44 हजार 476 रुपये की धनराशि आई। जो 21 मामले सामने आए हैं, वे बिहार, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान, पंजाब, मणिपुर में साइबर ठगी के केस हैं। पुलिस के अनुसार चूंकि ये साइबर ठगी के मामले नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज हैं, इसलिए इनसे संबंधित विवरण मिल सका। इससे कहीं अधिक साइबर ठगी के पैसे आरोपियों के खुलवाले खातों में भेजकर निकासी की गई है.
सिगरा में रहकर संचालित करते हैं गिरोह
आरोपी सिगरा के शिवपुरवा और निराला नगर में गिरोह के सदस्यों के यहां रुकते थे। यहीं से ये गिरोह संचालित करते थे। वाराणसी ही नहीं आसपास के जनपदों के लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाए। इसमें ज्यादातर सोनभद्र के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवार के लोग हैं.
आधार में पता बदलवाकर खुलवाए खाते
आरोपियों ने गरीब मजदूर वर्ग के युवकों, महिलाओं को पकड़। उनको कुछ पैसे का लालच देकर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड लेकर रख लेते थे। आधार कार्ड में पता बदलवाते थे। एडिट कर सिगरा में किसी इलाके का पता डलवा देते थे। इसके बाद उसी कूटरचित आधार के जरिये बैंक में खाता खुलवाते थे। खुले हुए बैंक खाते का किट (चेकबुक, एटीएम) कूटरचित नए पते पर डिलीवरी से पहले ही पोस्टमैन शोभनाथ से सीधे फोन से संपर्क कर ले लेते थे। बैंक खाता का किट, खाते से लिंक मोबाइल नंबर का सिम कार्ड पैक कर कुरियर से साइबर ठगों को बेचते थे। आरोपियों ने किन-किन पतों पर किट बेचे हैं, पुलिस इसकी जानकारी कर रही है.
गिरफ्तार करने वाली टीम में ये शामिल थे
गिरफ्तारी करने वाली टीम में सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्र, साइबर सेल प्रभारी मनोज तिवारी, उप निरीक्षक कृष्ण जायसवाल, भरट भट्ट, रोहित त्रिपाठी, काजोल सिंह, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदेव सिंह, कांस्टेबल मृत्युंजस सिंह, सुमित साहू, काजल हैं।


