ईंट भट्ठा मालिक से ठगी में किशोर समेत चार दबोचे
फरीदाबाद में चार आरोपियों को सरकारी स्कूल का हेडमास्टर बताकर ईंट खरीदने के नाम पर एक भट्ठा मालिक से एक लाख 45 हजार 400 रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ठगी की पूरी रकम बरामद कर ली है। आरोपी राजस्थान और फिरोजपुर झिरका के निवासी हैं।

फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। साइबर अपराध सेंट्रल थाना पुलिस की टीम ने सरकारी स्कूल का हेडमास्टर बताकर ईंट खरीदने के नाम पर भट्ठा मालिक से एक लाख 45 हजार 400 रुपये की ठगी करने में किशोर समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने ठगी की पूरी रकम भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के डीग निवासी वाजिद, फिरोजपुर झिरका निवासी रामअवतार, अफरान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में किशोर को अपनी अभिरक्षा में लिया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दो मई को खेड़ी कलां गांव निवासी भट्ठा मालिक ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया था।
कॉल करने वाले ने खुद को तिगांव स्थित सरकारी स्कूल का हेडमास्टर बताते हुए स्कूल के लिए नौ हजार ईंटों की जरूरत बताई थी। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एक लाख 62 हजार रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन के मैसेज भेज दिए थे। इसके बाद अपने आपको हेडमास्टर बताने वाले साइबर ठग ने ईंट भटठा मालिक को फोन कर बताया कि उसके बेटे की तबीयत खराब है और उसे तत्काल रुपयों की जरूरत है। शिकायतकर्ता ने अपने बैंक खाते का बैलेंस जांचे बिना आरोपियों के बताए बैंक खाते में अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल एक लाख 45 हजार 400 रुपये भेज दिए। बाद में धोखाधड़ी का पता चलने पर साइबर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच में सामने आया कि आरोपी एक-दूसरे को जानते थे। उन्होंने सबसे पहले गूगल मैप पर ‘बिल्डिंग मैटेरियल प्रोवाइडर मी’ सर्च किया, जहां उन्हें शिकायतकर्ता के ईंट-भट्टे की जानकारी और मोबाइल नंबर मिला। इसके बाद आरोपी वाजिद ने तिगांव के सरकारी स्कूल का हेडमास्टर बताकर शिकायतकर्ता को फोन किया। जांच में यह भी सामने आया कि किशोर ने वाजिद को इस्तेमाल के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार रामअवतार उस बैंक खाते का खाताधारक था, जिसमें ठगी की रकम मंगाई गई। उसने अपना बैंक खाता अफरान को उपलब्ध कराया था। अफरान ने वह खाता आगे ठगों को इस्तेमाल के लिए दे दिया था। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।


