जमशेदपुर : सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर तीन करोड़ की निकासी, अंतरराज्यीय गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य अमन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है, जिसने सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर एक संस्था के खाते से लगभग तीन करोड़ रुपये निकाले। जांच में पता चला कि उसने महत्वपूर्ण दस्तावेजों के माध्यम से खाते का संचालन किया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

साइबर थाना पुलिस ने सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर एक संस्था के बैंक खाते से करीब तीन करोड़ रुपये की निकासी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु (29) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस की जांच
पुलिस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि रीना पांडेय द्वारा संचालित होप-हेल्प फॉर ऑल फाउंडेशन को सीएसआर फंड उपलब्ध कराने का भरोसा देकर आरोपियों ने संस्था के नाम पर एक्सिस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया। खाते के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने का हवाला देकर उन्होंने चेकबुक और खाते से संबंधित सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बैंक खाते का पूरा संचालन अपने नियंत्रण में कर लिया। जांच में पता चला कि खाता खुलने के पांच दिनों के भीतर उसमें करीब तीन करोड़ रुपये जमा हुए। इसके बाद पूरी राशि अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंची।
अन्य अपराधियों की जानकारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 22 दिसंबर 2025 को आरोपी अमन सिंह वादिनी को लखनऊ ले गया था, जहां उसने बैंक खाते से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। पुलिस के अनुसार, अक्तूबर 2025 में ही आरोपियों ने वादिनी की ईमेल आईडी और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस अपने मोबाइल पर हासिल कर लिया था। इसी एक्सेस का इस्तेमाल कर खाते का संचालन किया गया और करोड़ों रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
आगे की कार्रवाई
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से आरोपी की भूमिका स्पष्ट होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि लेनदेन, संपर्क में रहे लोगों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का पता लगाया जा सके। मामले में जमशेदपुर साइबर अपराध थाना में दो नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। साथ ही बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल उपकरणों और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच जारी है।


