गृह मंत्रालय के पोर्टल से बाल यौन शोषण सामग्री पर शिकंजा, दो मुकदमे दर्ज
शामली में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री के ऑनलाइन प्रसार के दो मामले सामने आए हैं। गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल से मिली शिकायतों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिसमें अश्लील वीडियो अपलोड करने की पुष्टि हुई है।

शामली। बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री के ऑनलाइन प्रसार पर गृह मंत्रालय की साइबर निगरानी के बीच शामली में दो मामले सामने आए हैं। गृह मंत्रालय से जुड़े साइबर पोर्टल पर मिले इनपुट और शिकायतों की तकनीकी जांच के बाद शामली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। एक मामले में व्हाट्सएप और दूसरे में सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड और भेजे जाने की पुष्टि हुई है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने मोबाइल नंबर की जांच की। जांच में संबंधित नंबर की व्हाट्सएप प्रोफाइल मोहम्मद शाहरुख पुत्र मुमताज निवासी रेडापुर चरबा, देहरादून के नाम से मिली। 16 अगस्त 2026 को सुबह 10:14 बजे इसी नंबर से बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड अथवा भेजा गया। तकनीकी जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना निरीक्षक परवीन कुमार को सौंपी गई है。
दूसरे मामले में बाबरी का युवक नामजद
शामली। दूसरे मामले में गृह मंत्रालय के एनसीएमईसी पोर्टल से मिली रिपोर्ट की जांच में बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड और भेजे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद साइबर पुलिस ने बाबरी क्षेत्र के बंतीखेड़ा निवासी रिजवान के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67बी में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना निरीक्षक संजय कुमार को सौंपी गई है।
डिजिटल कड़ियां खंगाल रही पुलिस
दोनों मामलों में पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आपत्तिजनक सामग्री कहां से हासिल हुई और इसे आगे किन माध्यमों से प्रसारित किया गया। पुलिस अन्य संभावित जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह बताया, गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल से मिले इनपुट पर तकनीकी जांच के बाद दोनों मामलों में कार्रवाई की गई है। साइबर पुलिस ऑनलाइन बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री के प्रसार पर लगातार निगरानी रख रही है।


