साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, तीसरे की तलाश
बिजनौर में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे साइ-वज्र अभियान के तहत साइबर ठगी के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों से ठगी में प्रयुक्त दो मोबाइल और 41,030 रुपये नकद बरामद किए गए। जांच में पता चला कि एक बैंक खाते से पांच लाख रुपये चोरी हुए थे। फरार साथी की तलाश जारी है।

साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे साइ-वज्र अभियान के तहत बिजनौर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और 41,030 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के विश्लेषण के दौरान एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि एसबीआई की चांदपुर शाखा के एक खाते से साइबर ठगी से जुड़े पांच लाख रुपये चेक के माध्यम से निकाले गए थे। पहले शिवालाकलां क्षेत्र के हुसैनपुर कला निवासी उत्कर्ष तोमर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान लक्सर (हरिद्वार) निवासी प्रवेन्द्र सिंह और निशांत का नाम भी सामने आया। रविवार को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उत्कर्ष तोमर और प्रवेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका साथी निशांत उन्हें साइबर ठगी से प्राप्त रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराकर कमीशन कमाने के लिए प्रेरित करता था। वे अपने और अन्य लोगों के खातों में रकम मंगाकर नकदी निकालते थे तथा कमीशन काटने के बाद टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े अज्ञात व्यक्ति तक पहुंचा देते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें पता था कि यह धनराशि साइबर ठगी से संबंधित है, लेकिन अधिक कमाई के लालच में वे यह काम करते रहे।थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक पुष्पा देवी ने बताया कि मामले में फरार आरोपी निशांत की तलाश की जा रही है।


