दुबई में बैठे जालसाजों को खाते मुहैया कराने वाले छह दबोचे
साइबर अपराध शाखा ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है जो दुबई में बैठे साइबर जालसाजों को म्यूल बैंक खाते मुहैया करा रहे थे। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेक बुक और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पीड़ित सेवानिवृत्त एयर मार्शल ने दो करोड़ 65 लाख रुपये की ठगी की शिकायत की थी।

गुरुग्राम, गौरव चौधरी। साइबर अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश में फर्जी (म्यूल) बैंक खाते खुलवाकर दुबई में बैठे साइबर जालसाजों को मुहैया कराता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड, 42 चेक बुक, 35 सिम कार्ड, चार फर्जी फर्मों की स्टांप और दुबई वीजा सहित एक पासपोर्ट बरामद किया है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि जालसाज निवेश कंपनियों के नाम पर फर्जी ऐप बनाकर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करते थे।
शिकायत की जानकारी
19 जुलाई को साइबर अपराध थाना (पूर्व) में पीड़ित सेवानिवृत्त एयर मार्शल ने दो करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये की ठगी की लिखित शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे मशहूर निवेश कंपनियों के नाम पर बने फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुपों में जोड़ा गया था। इसके बाद जालसाजों ने एक फर्जी निवेश ऐप के जरिए कम समय में दोगुना-तिगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया।
ठगी का अहसास और पुलिस कार्रवाई
झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.65 करोड़ से अधिक ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने अपने मूल पैसे और लाभ की राशि निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने उनसे और पैसों की मांग शुरू कर दी। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पीड़ित से ठगे गए रुपयों में से छह लाख सोनू चौधरी की फर्जी फर्म के खाते में आए थे, जिसे सोनू ने 60 हजार में पुनीत को बेचा था।
ये आरोपी पकड़े गए
सहायक पुलिस आयुक्त गौरव फोगाट ने बताया कि 18 और 19 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी की। पुलिस ने सबसे पहले गाजियाबाद निवासी सोनू चौधरी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुनीत चौधरी निवासी गाजियाबाद, विकास निवासी गाजियाबाद, अभिषेक शर्मा निवासी मेरठ और दुष्यंत चौधरी निवासी बुलंदशहर को बहादुरगढ़ के एक फ्लैट से और सम्राट सिब्बल को उत्तम नगर (दिल्ली) से गिरफ्तार किया।
मामले में नए खुलासे होंगे
पुलिस ने सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ में पता चला है कि पीड़ित से ठगे गए रुपयों में से छह लाख सोनू चौधरी की फर्जी फर्म के खाते में आए थे, जिसे सोनू ने 60 हजार में पुनीत को बेचा था। पुलिस दुबई में बैठे आकाओं, मनी ट्रेल (रुपयों के प्रवाह) और अन्य राज्यों में दर्ज मुकदमे के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस दौरान बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था
आरोपी पुनीत चौधरी ने बताया कि वह सम्राट सिब्बल के साथ मिलकर दुबई में बैठे साइबर ठगों के लिए काम करता था। वह 200 से अधिक बैंक खाते बेच चुका है और हाल ही में दुबई से लौटा है। भारत के खातों में ठगी की जो राशि आती थी, उसका लगभग पांच प्रतिशत हिस्सा कमीशन के तौर पर आरोपियों को मिलता था।


