गोम्हा पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति की पहचान : जोबा मांझी
राजनगर के जुमाल गांव में गोम्हा पर्व के दौरान तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सांसद जोबा माझी ने इसे आदिवासी समुदाय का प्रमुख त्योहार बताया। उन्होंने सामाजिक एकता और शिक्षा को बढ़ावा देने की अपील की। कार्यक्रम में कई प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति रही।
राजनगर। राजनगर प्रखंड के जुमाल गांव में गोम्हा पर्व (रक्षाबंधन) के अवसर पर तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिंहभूम की सांसद जोबा माझी, विशिष्ट अतिथि विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, वरिष्ठ झामुमो नेता केपी सोरेन एवं केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के शामिल हुए।पहले दिन पारंपरिक रिंजा नृत्य, माडेर नृत्य एवं आधार कार्ड फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई। आयोजन समिति ने अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। सांसद जोबा माझी ने कहा कि गोम्हा पर्व आदिवासी समुदाय का प्रमुख त्योहार है, जिसे कृषि कार्य संपन्न होने के बाद पारंपरिक रूप से मनाया जाता है।
ऐसे आयोजनों से संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा मिलने के साथ सामाजिक एकता, भाईचारा एवं सद्भाव मजबूत होता है।झामुमो नेता कालीपद सोरेन ने शिक्षा को समाज के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए लोगों से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम में दुर्गालाल मुर्मू, सोनाराम मुर्मू, रामसिंह हेंब्रम समेत कई लोग उपस्थित थे।


