सौहार्द जन सेवा समिति के अभियान के 15वें दिन 20 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
हल्द्वानी में आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टिट्यूट में कुमाउनी भाषा में कविता एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। नवजोत सिंह गड़िया को ‘काव्य शिरोमणि’ और ‘बाल शिरोमणी’ सम्मान मिला। प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया।
हल्द्वानी। आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टिट्यूट में सोमवार कुमाउनी भाषा में आयोजित कविता एवं भाषण प्रतियोगिता में नवजोत सिंह गड़िया को ‘काव्य शिरोमणि’ और ‘बाल शिरोमणी’ सम्मान प्रदान किया गया। मयंक रेकवाल प्रथम, निहारिका पंत द्वितीय और रिदिमा बिष्ट तृतीय स्थान पर रहीं। ऐश्वर्या बम को ‘बाल रत्न’ सम्मान से नवाजा गया। कुमाउनी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से सौहार्द जन सेवा समिति की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए कुमाउनी भाषा में देशभक्ति, पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था अध्यक्ष विद्या महतोलिया, उपप्रधानाचार्य प्रकाश कुमार, प्रबंधक सुरेश बाजपेयी और प्रधानाध्यापिका वंदना टम्टा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम समन्वयक शिक्षिका बीना जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। छात्रा शगुन मौनी, त्रिशला बोरा और रितिका लोहनी ने कुमाउनी भाषा में मंच संचालन किया। कुमाउनी भाषा में बच्चों को तैयार करने वाली पांच शिक्षिकाओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष विद्या महतोलिया ने विद्यालयों से प्रार्थना सभा में प्रत्येक बच्चे को दो मिनट कुमाउनी भाषा में बोलने का अवसर देने की अपील की, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से जुड़ सके। प्रतियोगिता का निर्णायक मंडल साहित्यकार डॉ. भगवती पनेरू और अमृता पांडे ने संभाला।


