सीटी स्कैन मशीन खराब होने पर कंपनी को भरना पड़ेगा जुर्माना
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला अस्पताल में स्थापित सीटी स्कैन मशीन पिछले 12 दिनों से

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला अस्पताल में स्थापित सीटी स्कैन मशीन पिछले 12 दिनों से खराब पड़ी है। इसके कारण हर दिन करीब 50 मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है। अस्पताल में यह सेवा नि:शुल्क मिलती है, लेकिन मशीन में आई तकनीकी खराबी की वजह से इलाज के लिए आने वाले गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में मरीजों को बाहर के निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें दो हजार से चार हजार रुपये तक का भारी शुल्क चुकाना पड़ रहा है。
सीटी स्कैन मशीन की आपूर्ति और रखरखाव
सीटी स्कैन मशीन की आपूर्ति और रखरखाव करने वाली कंपनी के साथ स्वास्थ्य विभाग का सख्त अनुबंध है। शर्तों के मुताबिक यदि मशीन खराब होती है तो मरम्मत होने तक कंपनी पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से जुर्माना लगाने का प्रावधान है। मशीन ठप पड़े 12 दिन हो चुके हैं, जिससे अब तक 1.20 लाख रुपये का जुर्माना बन चुका है। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मशीन खराब होने की आधिकारिक सूचना कार्यदायी संस्था को तत्काल भेज दी गई थी। इसके बावजूद अब तक कंपनी की ओर से तकनीकी खराबी को दुरुस्त नहीं किया जा सका है और नही नई मशीन उपलब्ध
हर दिन नुकसान और जुर्माना
कार्यदायी संस्था को जुर्माना के साथ ही हर रोज करीब 70 हजार का हो रहा नुकसान
जिला अस्पताल में नि:शुल्क सीटी स्कैन जांच की सुविधा उपलब्ध करा रही कार्यदायी संस्था को शासन से प्रति मरीज 950 से लेकर 1500 रूपये मिलते हैं। जबकि हर रोज करीब 50 मरीजों की सीटी स्कैन जांच होती है। ऐसे में कार्यदायी संस्था को हर दिन करीब 70 हजार रूपये का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा हर दिन दस हजार को जुर्माना देना है।
एनएचएम के खाते में जुर्माना धनराशि
कार्यदायी संस्था को हर दिन दस हजार रुपये जुर्माना देना है। जुर्माना धनराशि एनएचएम के खाते में देना है। माह के दस तारीख को जुर्माना धनराशि एनएचएम के खाते में भेजना है।
जुर्माना भरने की प्रक्रिया
सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि सीटी स्कैन जांच बंद होने पर कार्यदायी संस्था को हर दिन दस हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना भरना है। जुर्माना धनराशि एनएचएम के खाते में भेजना होता है। कार्यदायी संस्था को माह के दस तारीख को जुर्माना धनराशि भेजनी है।


