दुबई व कनाडा के छात्रों ने लिया डिप्लोमा इन सिख गुरु इतिहास एवं शहादत में प्रवेश
कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने सिख गुरु इतिहास एवं शहादत में दो वर्षीय डिप्लोमा के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। पाठ्यक्रम की फीस 2000 रुपये है, जिसका उद्देश्य सिख धर्म, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण का अध्ययन एवं प्रचार करना है। प्रारंभिक छात्रों में प्रो. (डॉ.) रणमीत कौर भल्ला शामिल हैं।

कानपुर। प्रमुख संवाददाता छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के श्री गुरु तेग बहादुर साहिब रिसर्च चेयर की ओर से संचालित दो वर्षीय डिप्लोमा इन सिख गुरु इतिहास एवं शहादत में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार सेमेस्टर के पाठ्यक्रम की फीस सिर्फ 2000 रुपये निर्धारित की गई है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य सिख धर्म के उद्भव एवं विकास, दस गुरुओं के जीवन एवं उपदेश, श्री गुरु ग्रंथ साहिब में निहित मानवीय मूल्यों, धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय, समानता, भाईचारे, महिला सम्मान, पर्यावरण संरक्षण तथा शहादत की महान परंपरा का अकादमिक अध्ययन एवं प्रचार-प्रसार करना है। सबसे पहले प्रो. (डॉ.) रणमीत कौर भल्ला, चार्टर्ड अकाउंटेंट जयपाल सिंह भट्टी, डॉ. पवन जसनीत चावला, कंपनी सेक्रेटरी नैनप्रीत कौर भाटिया, गुरुद्वारा रतनलाल नगर के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, सुखविन्दर सिंह, महिला उद्यमी रीतु अरोड़ा ने प्रवेश लिया है।
दुबई की मुक्त, जैस्मिन सलूजा, कनाडा के इशप्रीत सिंह ने भी प्रवेश लिया है। प्रथम प्रवेश लेने वाली प्रो. (डॉ.) रणमीत कौर भल्ला को श्री गुरु सिंह सभा के प्रतिनिधिमंडल की ओर से गुरु का सिरोपा भेंट कर स्वागत किया गया।


