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इनसे सीखें: सीआरपीएफ जवानों ने तोड़ा रोजा, कैंसर मरीज के लिए किया रक्तदान

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कश्मीर घाटी में तैनात सीआरपीएफ के दो जवानों ने गुरुवार रोजा तोड़कर कैंसर पीड़ित महिला को रक्तदान किया। अधिकारियों ने बताया सीआरपीएफ की ‘मददगार’ हेल्पलाइन पर कुछ दिन पहले किश्तवाड़ निवासी अनिल सिंह का फोन आया। अनिल ने ल्यूकेमिया से पीड़ित अपनी बहन पूजा देवी के लिए जरूरी रक्त एकत्र करने में मदद मांगी। बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिंह परिवार को छह इकाई रक्त की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों से दो बोतल खून का इंतजाम हो गया है, लेकिन उन्हें चार इकाई रक्त की और आवश्यकता है।

बल के कश्मीर में तैनात चार जवान स्वेच्छा से रक्तदान के लिए तैयार हो गए। इसमें उप निरीक्षक संजय पासवान, कांस्टेबल रामनिवास, मदस्सर रसूल भट और मोहम्मद असलम मीर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भट और मीर ने रमजान के महीने में रोजा रखा हुआ था। उन्होंने अपना रोजा तोड़ा और रक्तदान किया। सभी चार जवान शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान में गए, जहां वह महिला इलाज के लिए भर्ती है।

मददगार हेल्पलाइन से मदद
सीआरपीएफ ने पिछले साल जून में लोगों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन ‘मददगार’ की शुरुआत की थी, जिसका मकसद घाटी में परेशान लोगों की मदद करना है। लगभग दो सप्ताह पहले डोडा के आशिक हुसैन ने अपने नवजात बच्चे की तत्काल सर्जरी के लिए मदद मांगी थी। अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ ने सरकारी अस्पताल में नवजात की बिल्कुल मुफ्त में सर्जरी करवाई थी।

पहले भी तोड़ा रोजा
इसी साल बिहार के दरभंगा के एक मुस्लिम युवक मोहम्मद अशफाक ने एक एसएसबी जवान की दो दिन की बेटी की जान बचाने को रोजा तोड़ रक्तदान किया था। इसी तरह देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती अजय को खून चढ़ाने की जरूरत पड़ी तो आसिफ नामक के युवक ने रोजा तोड़कर रक्तदान किया। असल में, रक्तदान से पहले कुछ खाना जरूरी होता है।

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  • Web Title:CRPF jawans break roza donate blood for cancer patients