मणिपुर: सीआरपीएफ जवानों को बुलेटप्रूफ वाहनों के बिना न चलने के निर्देश
मणिपुर में असम राइफल्स पर घातक हमले के बाद, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने जवानों के लिए नए सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए। जवानों को बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने के लिए कहा गया है। यह आदेश लगभग 200 कंपनियों के जवानों पर लागू होगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए घातक हमलों के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने राज्य में तैनात अपने जवानों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जवानों को केवल बुलेटप्रूफ वाहनों में ही आवाजाही करने और अनावश्यक या अकेले बाहर निकलने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। यह एसओपी मणिपुर में तैनात लगभग 200 सीआरपीएफ कंपनियों के करीब 20 हजार जवानों के साथ-साथ हाल ही में भेजी गई कोबरा कमांडो की दो बटालियनों पर भी लागू होगी। इसका उद्देश्य जवानों की आवाजाही और अभियान के दौरान सुरक्षा बढ़ाना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मणिपुर में तैनात हमारे सभी जवानों को केवल बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करने और ऑपरेशनल व प्रशासनिक ड्यूटी के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।हाल
के महीनों में मणिपुर में लगभग 100 'मार्क्समैन' हल्के बुलेटप्रूफ वाहन भेजे गए हैं। यह भारत में विकसित कैप्सूल-आधारित वाहन हैं, जिन्हें शहरी युद्ध, गश्त और काफिले की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। इनमें बी6 स्तर की बैलिस्टिक सुरक्षा उपलब्ध है, जो असॉल्ट राइफल की गोलियों, ग्रेनेड और बारूदी सुरंगों के विस्फोट से सुरक्षा प्रदान करती है।
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