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पुजारी को लेकर पहाड़ी पर पहुंचे हथियारबंद लोग, ईसाई क्रॉस लगाकर की प्रार्थना; मणिपुर में फिर भड़के मैतेई

पहाड़ी पर क्रॉस लगाए जाने का वीडियो सामने आया है जिसकी तारीख बता पाना फिलहाल मुश्किल है। इसमें देखा जा सकता है कि एक पुजारी और कुछ लोग एक क्रॉस को पहाड़ी की चोटी पर लेकर जा रहे हैं।

पुजारी को लेकर पहाड़ी पर पहुंचे हथियारबंद लोग, ईसाई क्रॉस लगाकर की प्रार्थना; मणिपुर में फिर भड़के मैतेई
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,इंफालSat, 03 Feb 2024 07:04 PM
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मणिपुर के मोइरांग शहर में कुछ लोगों ने पहाड़ी के ऊपर एक ईसाई क्रॉस लगा दिया। इसे हिंसा प्रभावित राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहाड़ी पर एक मंदिर स्थित है, जिसके प्रति यहां रहने वाले मैतेई लोगों में गहरी आस्था है। राज्य की राजधानी इंफाल से 60 किलोमीटर दूर बिष्णुपुर जिले में झील के किनारे यह शहर बसा हुआ है। मैतेई समुदाय के लोग थांगजिंग पहाड़ी पर तीर्थयात्रा के लिए जा रहे हैं, जो कि देवता इबुधौ थांगजिंग का घर माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि थांगजिंग पहाड़ी करीब 2,000 साल पुरानी है। यहां की जनजातियां इस पहाड़ी श्रृंखला को थांगटिंग कहकर बुलाती हैं।

दिसंबर, 2015 में मणिपुर की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने थांगटिंग का नाम बदल दिया था, जिसे लेकर लोग भड़क गए और इलाके में काफी तनाव पैदा हो गया था। पहाड़ी पर क्रॉस लगाए जाने का वीडियो क्लिप सामने आया है जिसकी तारीख बता पाना मुश्किल है। इसमें देखा जा सकता है कि एक पुजारी कुछ लोगों के साथ क्रॉस को पहाड़ी की चोटी पर लेकर जा रहा है। ये लोग इसे स्थापित करने के बाद उसकी प्रार्थना करते हैं। पुजारी के साथ असॉल्ट राइफलों से लैस भी कुछ लोग खड़े हैं। माना जा रहा है कि ये हथियारबंद लोग किसी विद्रोही गुट के हो सकते हैं। 

'यह संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन'
दरअसल, राज्य और केंद्र सरकार के साथ त्रिपक्षीय युद्धविराम पर हस्ताक्षर हुआ है। ऐसे में इस हरकत को संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन माना जा रहा है। कुकी-जो जनजाति के लोग इस बात से इनकार करते हैं कि यह पहाड़ी मैइतियों का पवित्र स्थल है। एनडीटीवी के मुताबिक, कुकी-जो समूह इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) के प्रवक्ता गिन्जा वुआलजोंग ने मैतेई समुदाय के पवित्र स्थल पर अतिक्रमण से इनकार किया है। उन्होंने कहा, 'क्रॉस ईसाई धर्म का प्रतीक है। आप इसे ईसाई लोगों के घरों में देख सकते हैं। थांगजिंग पहाड़ी पर क्रॉस लगाना हमारी आस्था और धर्म को दिखाने का ही तरीका है। इसे किसी अन्य धर्म के खिलाफ उठाया गया कमद नहीं माना जाना चाहिए।'

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