सदर अस्पताल में चार दिनों से एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं, मरीज परेशान
सीवान, सदर अस्पताल में पिछले चार दिनों से एआरवी की कमी है, जिससे मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई डॉग बाइट के शिकार मरीज वैक्सीन के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन निराश होकर लौट गए। एआरवी की उपलब्धता में रुकावट बीएमएसआईसीएल की ओर से सप्लाई न होने के कारण है।

सीवान, निज प्रतिनिधि। सदर अस्पताल में पिछले चार दिनों से एआरवी ( एंटी रेबीज वैक्सीन) उपलब्ध नहीं है। एआरवी उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को भी डॉग बाइट के शिकार कई मरीज एआरवी लेने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
मरीजों का इलाज
वहीं, अस्पताल से खाली हाथ लौटने के बाद कई मरीजों ने मजबूरी में शहर में संचालित प्राइवेट मेडिकल दुकानों से वैक्सीन खरीदकर अपना इलाज कराया। बताया गया कि एआरवी नहीं मिलने का मुख्य कारण इंडेंट के अनुसार एआरवी की खेप बीएमएसआईसीएल मुजफ्फरपुर द्वारा उपलब्ध नहीं कराया बताया जा रहा है। एक आंकड़े के अनुसार सदर अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 2 सौ से 250 डोज एआरवी की खपत होती है। लेकिन, खपत के अनुसार एआरवी की डोज उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। कुत्ते, बंदर व अन्य जानवर के काटने पर मरीज को दिया जाता है एआरवी रेबीज से बचाव के लिए मरीजों को एआरवी दी जाती है। रेबीज एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित कुत्ते, बंदर व अन्य जानवर के काटने से फैलती है। यह वायरस सीधे तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह लगभग सौ फीसदी जानलेवा हो सकता है। एआरवी वैक्सीन शरीर में वायरस के खिलाफ इम्युनिटी बनाती है। इसलिए डॉग बाइट के बाद तय समय पर पूरा वैक्सीन कोर्स लेना बहुत जरूरी होता है।
क्या कहते हैं अस्पताल अधीक्षक
सदर अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सदर अस्पताल में फिलहाल एआरवी उपलब्ध नहीं है। इस कारण इलाज के लिए आए मरीजों को यह नहीं मिल पा रही है। मांग के अनुसार बीएमएसआईसीएल द्वारा एआरवी की खेप नहीं उपलब्ध कराने से इस तरह की समस्या सामने आयी है। एआरवी की खेप कबतक आएगी, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।


