बाल विवाह, दहेज प्रथा को दूर करने में भी लाइब्रेरियन निभाएंगे भूमिका
लाइब्रेरियन की नियुक्तियों में बाल विवाह और दहेज प्रथा को दूर करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रावधान है। नियुक्ति नियमों में कहा गया है कि लाइब्रेरियन ट्यूशन नहीं पढ़ाएंगे और ये परीक्षा के लिए फॉर्म एक से 21 अक्टूबर तक भरे जाएंगे। परीक्षा 19 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच होगी।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बाल विवाह, दहेज प्रथा को दूर करने में भी लाइब्रेरियन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लाइब्रेरियन नियुक्ति में यह शर्त भी अभ्यर्थियों के लिए रखी गई है। लाइब्रेरियन इन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का माध्यम बनेंगे।
नियुक्ति के लिए नियमावली
नियुक्ति के लिए बनाई गई नियमावली में निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी तरह का ट्यूशन नहीं पढ़ाएंगे। निजी कोचिंग या संस्थान से टैग नहीं होंगे। ऐसा करने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मैट्रिक-इंटर परीक्षा में बिहार बोर्ड की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन भी इन्हें करना होगा। किसी भी तरह का दोषी पाए जाने पर दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें अनिवार्य सेवानिवृति से लेकर कम वेतन में पदावनति तक शामिल है।
परीक्षा की तिथि
एक अक्टूबर से भरा जाएगा परीक्षा फॉर्म
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा, 2026 का आयोजन किया जाएगा। लगभग 14 साल बाद लाइब्रेरियन की नियुक्ति का रास्ता खुला है। एक से 21 अक्टूबर तक परीक्षा फॉर्म भरा जाएगा। कौन अभ्यर्थी इसके लिए योग्य होंगे, इसको लेकर गाइडलइन जारी की जा चुकी है। ◆परीक्षाफल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रकाशित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा 19 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच ली जानी है। इससे पहले 2011-12 में सूबे में लाइब्रेरियन की बहाली हुई थी।


