756 स्कूलों के बच्चे नवोदय, सिमुलतला में नहीं ले पाएंगे नामांकन
मुजफ्फरपुर में 756 स्कूलों के बच्चे नवोदय और सिमुलतला जैसे स्कूलों में नामांकन नहीं ले पाएंगे। इन स्कूलों के बच्चों का ना पेन है और ना ही अपार। डीईओ ने स्पष्टीकरण मांगा है। 300 से अधिक स्कूलों में एक भी अपार नहीं बना है, जिससे बच्चें नामांकन में दिक्कत का सामना कर रहे हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले के 756 स्कूलों के बच्चे नवोदय और सिमुलतला जैसे स्कूलों में नामांकन नहीं ले पाएंगे। इन स्कूलों के 40 से 100 फीसदी तक बच्चों का ना पेन (परमानेंट एजुकेशन नंबर) है और ना ही अपार बना है।
स्कूलों में समस्या
बिना पेन और अपार के किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नामांकन में बाधा आ रही है। डीईओ कुमार अरविन्द सिन्हा ने इन स्कूलों के हेडमास्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। पेन के कारण जिले से बाहर नामांकन लेने में भी बच्चों को दिक्कत आ रही है। इन 756 स्कूलों में बड़ी संख्या में निजी स्कूल शामिल हैं।
300 से अधिक स्कूलों की स्थिति
300 से अधिक स्कूलों में एक भी नहीं बना अपार। जिले के 300 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चे का अपार नहीं बना है। तक्षशिला पब्लिक स्कूल, मदरसा दारूल, मसीहा पब्लिक स्कूल, विद्या बिहार, श्री देवी प्रसाद सरस्वती शिशु मंदिर समेत अन्य स्कूल ऐसे हैं, जहां 60 फीसदी से अधिक बच्चों का ना अपार है और ना ही पेन बना है। डीईओ ने कहा कि 24 घंटे के भीतर ये स्कूल अपना स्पष्टीकरण देंगे कि किस कारण से पेन या अपार नहीं बना है। जबकि, 20 से अधिक दिनों तक प्रखंडों व जिले में इसके लिए कैंप लगाया गया था।
लापरवाही की समीक्षा
तीन-चार वर्षों से पढ़ रहे बच्चों का भी नहीं बना पेन। समीक्षा में बड़ी संख्या में निजी स्कूलों की लापरवाही सामने आई है। ऐसे स्कूल भी सामने आए हैं, जहां तीन-चार साल से बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन उनका पेन नहीं बना है। इसके लिए सैकड़ों अभिभावक चक्कर काट रहे हैं। डीईओ ने कहा कि यह स्कूल की जिम्मेवारी है कि वे बच्चों का पेन और अपार बनवाएं।


