किशनगंज: समय पर जांच और उपचार से सुरक्षित मातृत्व की मजबूत हो रही नींव
अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज, निज संवाददाता गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भस्थ

अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज, निज संवाददाता
गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। कई बार गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं के लक्षण शुरुआती दौर में स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय पर जांच से उन्हें पहचानकर गंभीर स्थिति बनने से पहले उपचार शुरू किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है। अभियान के तहत प्रत्येक माह निर्धारित दिवस पर गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान, आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देश एवं जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के मार्गदर्शन में जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों में पीएमएसएमए का आयोजन किया गया।
500 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
अभियान के दौरान सदर अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों पर 500 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जांच के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक दवा, उपचार और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। महिलाओं को नियमित प्रसवपूर्व जांच, संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड के सेवन और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोचाधामन में भी पीएमएसएमए के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन 8 ग्राम से कम पाया गया, उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती कर आवश्यक उपचार दिया गया। गंभीर एनीमिया से पीड़ित पात्र महिलाओं को एफसीएम 500 मिलीग्राम इंजेक्शन देकर उपचार किया गया।
एनीमिया से जूझ रही महिला को मिला समय पर उपचार
कोचाधामन में जांच के दौरान गंभीर एनीमिया से पीड़ित एक गर्भवती महिला को एफसीएम उपचार दिया गया। उपचार मिलने के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के प्रति आभार जताया। महिला के परिजन ने कहा कि समय पर जांच होने से खून की कमी का पता चला और चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उपचार उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से परिवार को काफी राहत मिली और अस्पताल की टीम के प्रति उनका भरोसा और मजबूत हुआ।परिजनों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के लिए इस तरह की नियमित जांच और उपचार की सुविधा बेहद उपयोगी है। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर देखभाल तथा समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया।
बहादुरगंज में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरगंज में आयोजित मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण एवं अनुश्रवण डीडीए सुमन सिन्हा के द्वारा किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही प्रसवपूर्व जांच, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं, दवा एवं चिकित्सकीय परामर्श सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों पर ही आवश्यक जांच और परामर्श उपलब्ध हो तथा उच्च जोखिम वाली महिलाओं को समय रहते चिन्हित कर बेहतर उपचार एवं निगरानी से जोड़ा जाए।
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं पर विशेष निगरानी
अभियान में गंभीर एनीमिया, गर्भावस्था से प्रेरित उच्च रक्तचाप, गर्भावस्था के दौरान मधुमेह, एचआईवी, सिफलिस, हाइपोथायरायडिज्म, टीबी, मलेरिया, पूर्व में सिजेरियन प्रसव, हेपेटाइटिस-बी, किशोरावस्था में गर्भधारण, तेज बुखार, पूर्व में मृत शिशु का जन्म, जन्मजात विकृति तथा आरटीआई/एसटीआई सहित अन्य जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान पर विशेष ध्यान दिया गया।


