स्वस्थ बचपन ही विकसित समाज की आधारशिला : डीसी
चाईबासा की उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि स्वस्थ बचपन विकसित समाज की नींव है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत गंभीर बीमारियों का समय पर पहचान कर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अभिभावक बच्चों में हृदय रोग के लक्षण देखकर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से निःशुल्क सेवाएं लेने की अपील की गई है।

चाईबासा । पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा है कि स्वस्थ बचपन ही विकसित समाज की आधारशिला है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से बेहतर चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को नया जीवन देने के साथ-साथ उनके परिवारों में भी आशा का संचार करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में किसी भी प्रकार के हृदय रोग अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क कर उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं।
गिफ्ट ऑफ लाइफ कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सदर अस्पताल, चाईबासा परिसर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत गिफ्ट ऑफ लाइफ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त मनीष कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, अमृता हॉस्पिटल कोच्ची के हृदय रोग के विभागाध्यक्ष डॉ कृष्ण कुमार सहित जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 200 से अधिक बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय संबंधी विस्तृत जांच की गई। जांच के उपरांत जिन बच्चों में जन्मजात अथवा अन्य गंभीर हृदय रोग की पुष्टि अथवा आशंका पाई गई, उन्हें आगे की चिकित्सा एवं आवश्यकतानुसार निःशुल्क हृदय ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है।
जन्मजात हृदय रोग की पहचान
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर बच्चों को विशेषज्ञ संस्थानों में रेफर किया जाता है। उन्होंने कहा कि गिफ्ट ऑफ लाइफ पहल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ-साथ अभिभावकों को हृदय रोग के प्रारंभिक लक्षण, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी।


