पांडु नदी उफनाई, 150 परिवारों का पलायन
लगातार हो रही बारिश के चलते पांडु नदी उफान पर है। मेहरबान सिंह का पुरवा में कई घरों में पानी घुस गया है और 150 परिवारों का पलायन हो चुका है। राहत शिविर में 200 परिवार शिफ्ट किए गए हैं, जबकि कई लोग अपने घरों में रह रहे हैं। तहसीलदार ने बताया कि स्थिति गंभीर है।

लगातार हो रही बारिश के चलते पांडु नदी उफान पर है। पांडु नदी का पानी कहर बरपाते हुए बर्रा आठ कच्ची बस्ती मेहरबान सिंह का पुरवा में बने घरों के अंदर घुस गया है। सड़कें लबालब भर गई हैं। करीब 150 परिवारों का पलायन हो चुका है। कई लोग सड़क पर तिरपाल डालकर रहने लगे हैं। घर न छोड़ने पर कई लोगों को जबरन घरों से निकाला गया। राहत शिविर कम्पोजिट विद्यालय बर्रा आई सेक्टर में 200 परिवारों को शिफ्ट कराकर राहत दी गई। पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसका असर सीधे मेहरबान सिंह का पुरवा कच्ची बस्ती में देखने को मिल रहा है। वहां पर पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। सड़कों में लबालब पानी भर गया है। कई जगह पानी लोगों के घरों में घुस गया है। पानी बढ़ने की सूचना पर तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे तो कई लोगों ने घर छोड़ने से मना कर दिया। ऐसे में जबरन कई लोगों को घरों में ताला लगवाकर राहत शिविर में पहुंचाया गया। कई परिवार पहले से ही घरों में ताला डालकर किराए के मकानों में चले गए है। कई परिवार घर नहीं छोड़ रहे हैं। वह बारिश का पानी भरने के बावजूद घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। लगातार पानी बढ़ रहा है। कई लोग जलभराव के बीच आवागमन कर रहे हैं। तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने बताया कि पांडु नदी का पानी बढ़ गया है। लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जबरन कई लोगों को निकालकर राहत शिविर में लाया गया है। 200 लोग राहत कैम्प में हैं。
क्या करें अब?
कहां जाई कुछ समझ मा नहीं आ रहा
जलभराव से परेशान
जलभराव होने के चलते सड़क पर छप्पर डालकर रह रही सुशीला ने स्पष्ट कहा कि कहां जाई। पति मजदूरी करता है। अगर मजदूरी नहीं करेगा तो खर्चा कैसे चलेगा। इसलिए मजबूरी मा सड़क किनारे छप्पर डालकर रह रहे है। इसी तरह पानी के बीच घरों में रह रही शर्मीली ने बताया कि कहां जाए। पानी में ही रहने को मजबूर हैं।
पानी की मात्रा
1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
हरिद्वार व नरौरा से 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर दो दिन बाद गंगा नदी में दिखने लगेगा। मंगलवार को फिलहाल गंगा खतरे के निशान से दूर हो गई है। पानी कम हो गया है। वहीं शुक्लागंज में भी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिन्दु से काफी कम हो गया है। 113 मीटर से कम होकर 112.250 मीटर शुक्लागंज में पहुंच गया है।


