समेचीपुर में गंगा में समा गए चार और मकान
गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण समेचीपुर चितार में तेजी से कटान हो रहा है। चार मकान गंगा में समा गये हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। प्रभावित परिवारों के लिए भूस्रोत चिन्हित करने और आपात स्थिति में मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

शमसाबाद, संवाददाता।गंगा का पानी जिस तेजी के साथ बढ़ा हुआ है उससे समेचीपुर चितार में गंगा का कटान भी तेजी के साथ हो रहा है। गुरुवार की रात से शुक्रवार की सुबह तेज कटान के चलते चार मकान गंगा में समा गये। ऐसे में ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। उनकी आंखों से आंसू निकल रहे हैं। आसिफ, वारिस, शमशुल और जाफरीन के मकान गंगा में समा गये हैं। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणो में भय का माहौल बना है। गंगा के कटान से प्रभावित परिवार अपने अपने घरों को खाली कर जरूरत सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। कई बाढ़ पीड़ित कटान से दूर अपने लिए नए आशियाने बनाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान इसी तरह से चलता रहा तो गांव के अन्य घरो को भी खतरा हो सकता है। एसडीएम कायमगंज ने राजस्व टीम के साथ एनडीआरएफ टीम को बाढ़ प्रभावित गांव में निगरानी रखने के निर्देश दिये। टीमों को नाव के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की मदद करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए कहा गया। राजस्व टीमें बराबर नजर रखे हुये हैं। पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 14 बीघा भूमि भी चिन्हित करायी गयी है। इस भूमि पर प्रभावित परिवारों को जगह देकर आशियाने बनाने की जत्द तैयारी होगी.
गंगा के कटान में विद्यालय के साथ ग्रामीण का घर भी समाया
कटरी तौफीक गांव में गंगा का विकराल रूप लगातार बढ़ता जा रहा है। तीन दिन से गंगा लगातार संविलियन विद्यालय को निशाना बनाये हुये थीं। कटान के चलते विद्यालय लगभग पूरी तरह से गंगा की जद में पहुंच गया है। अब विद्यालय का गेट और कुछ बाउंड्री ही बची है। हालांकि विद्यालय से पहले ही सामान निकाला जा चुका है। वहीं इस गांव के निवासी संजय का घर भी गंगा के तेज कटान में आकर नदी में समा गया। गांव के लोग काफी घबराये हुये है। जिस तेजी के साथ कटान हो रहा है उससे उनकी मुश्किलें बढ़ी हुयी हैं। रात की नींद भी हराम हो गयी है जिस मेहनत के साथ मकान बनाये थे वह पानी में समा चुके हैं। इससे लोग कराह रहे हैं.


