नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप एक साल लेने के बाद 75 फीसदी बच्चे फिर नहीं आए
मुजफ्फरपुर में 75 प्रतिशत बच्चे नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप का रिनुअल नहीं करा रहे हैं। वर्ष 2023 से 2025 में कक्षा 8 में उतीर्ण बच्चों में से केवल 3045 ने ही आवेदन किया है। पोर्टल एक जून से खुला है, लेकिन रिनुअल दर केवल 35 प्रतिशत है। कई आवेदन स्कूल स्तर पर पेंडिंग हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप एक साल लेने के बाद 75 फीसदी बच्चे आगे इसे लेने नहीं आए। आठवीं में यह परीक्षा होती है और इसमें उतीर्ण बच्चों को 9वीं से 12वीं तक इसका लाभ मिलता है। 9वीं के बाद हर साल रिनुअल कराना होता है।
रिनुअल न कराने का आंकड़ा
वर्ष 2023, 2024 और 2025 में उतीर्ण होने वाले 75 फीसदी छात्र-छात्राओं ने रिनुअल नहीं कराया है। सूबे के 12,310 बच्चों में से सिर्फ 3045 का ही रिनुअल का आवेदन आया है। संस्थान के स्तर से रिनुअल का आवेदन आना है। इसके बाद प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारियों को इसे सत्यापित करना है। अब ये बच्चे 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे हैं। आठवीं में इन्होंने परीक्षा दी थी। जिले में 541 में 160 बच्चों ने ही रिनुअल कराया है। विभाग ने इसे लेकर सभी जिलों को निर्देश दिया है।
पोर्टल की स्थिति
एक जून से ही खुला हुआ है पोर्टल
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने कहा है कि एक जून से ही इसके लिए पोर्टल खोला जा चुका है। इतने दिनों बाद भी समीक्षा में सामने आया है कि अबतक मुश्किल से 35 फीसदी छात्र-छात्राओं ने ही रिनुअल कराया है। डीईओ को निर्देश मिला है कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर लगातार इसकी मॉनिटरिंग की जाए। ऐसे बच्चे जिन्होंने 2025-26 में परीक्षा दी है, उन्हें भी लाभ पाने के लिए इस पोर्टल पर आवेदन करना है, लेकिन समीक्षा में इसकी गति काफी धीमी पाई गई।
पेंडिंग आवेदन की स्थिति
स्कूल स्तर पर पेडिंग हैं 2970 आवेदन
छात्रों के आवेदन करने के बाद भी सूबे में स्कूल स्तर पर 2970 आवेदन पेंडिंग हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों ने 75 आवेदन लटका रखे हैं। वैशाली में 436 में 76, सुपौल में 240 में 25, सीतामढ़ी में 323 में 78, समस्तीपुर में 527 में 114, पूर्वी चंपारण में 536 में 145, प.चंपारण में 387 में 105, मधुबनी में 601 में 133 बच्चों का ही रिनुअल हुआ है।


