घाघरा पुल के ज्वाइंटर में फिर पड़ी दरार,तीन घंटे चला मरम्मत
बहराइच-लखनऊ हाईवे पर संजय सेतु के ज्वाइंटर में दो महीने की मरम्मत के बाद फिर दरार पड़ गई हैं। एनएचआई के इंजीनियरों ने शुक्रवार को एकतरफा वाहनों को रोककर दरारें भरीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। पुल पर लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन एक महीने के भीतर ही यह समस्या फिर से उत्पन्न हो गई।
जरवलरोड,संवाददाता। दो माह बंद रखकर तीन करोड़ रुपये मरम्मत पर खर्च होने के बावजूद बहराइच-लखनऊ हाईवे के घाघरा घाट पर बने संजय सेतु के ज्वाइंटर में फिर दरारें पड़ गई हैं। इसकी वजह से शुक्रवार को दोपहर एकतरफा वाहनों को रोकर एनएचआई के इंजीनियरों की ओर से दरारें भरी गई हैं। लगभग तीन घंटे तक पुल से गुजरने वाले वाहनों की गति पर ब्रेक लग रहा है। लखनऊ समेत अन्य स्थानों पर आवागमन करने वाले मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ी। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाले संजयसेतु को दो माह मरम्मत के बाद 16 जून को खोला गया था।
इस दौरान एनएचआई की ओर से पुल के सभी ज्वाइंटरों को बदला गया था। पूरी तरह से पुल को नए रंग में ढाला गया था। इस पर लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था,जबकि दो माह तक वाहनों का आवागमन बंद रहा। जबकि छोटे वाहनों के आवागमन को लेकर नौ करोड़ रुपये की लागत से पीपा पुल बनाया गया था। लिहाजा इस सुविधा पर 12 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद एक माह में ही पुल के ज्वांटर दरक गए हैं। हालाकि ज्वांइटर दरकने की सूचना पर एनएचआई की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के बाद पुल पर आवगामन करने वाले वाहनों को एक तरफ से रोककर कार्य शुरू किया गया। दरके ज्वाइंटरों को दुरुस्त करने में करीब तीन घंटे से अधिक समय लग गया। एक माह बाद ही ज्वांइटरों में सामने आई खामियों को लेकर लोगों में नाराजगी है।अनंत मौर्या,अवर अभियंता, एनएचआई ने कहा कि संजय सेतु के ज्वांइटर में आई खामियों को त्वरित दुरुस्त कर लिया गया है। आवागमन पहले की ही तरह शुरू हो गया है। पुल के मरम्मत कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ किया गया है।


