बाल श्रम के खिलाफ मुंगेर में चला विशेष अभियान, तीन बाल श्रमिक मुक्त
मुंगेर, विभाग की ओर से बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाया गया। मुंगेर जिले में कई स्थानों पर जांच की गई, जिसमें तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, और नियोजकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुंगेर, निज प्रतिनिधि। बाल श्रम के खिलाफ श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से सोमवार को मुंगेर जिले में विशेष धावा दल अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान असरगंज और सदर मुंगेर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्टोरेंट, मॉल और गैराजों की सघन जांच की गई। इस दौरान तीन बाल श्रमिकों को काम करते हुए मुक्त कराया गया। असरगंज प्रखंड में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमार अमन के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में असरगंज थाना क्षेत्र से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। वहीं सदर मुंगेर प्रखंड में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्रम कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान कासिम बाजार थाना क्षेत्र से दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।
बाल गृह में रखे गए बच्चे:
मुक्त कराए गए तीनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, मुंगेर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद उन्हें बाल गृह में रखा गया है। वहीं बच्चों से काम कराने वाले संबंधित नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। श्रम अधीक्षक दिलीप कुमार झा ने कहा कि प्रतिष्ठानों में बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रमिकों से काम कराने वाले नियोजकों पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में नियोजक से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी वसूल की जाएगी। अभियान में असरगंज में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमार रमन, विकास कुमार सिंह, निलेश कुमार तथा सदर क्षेत्र में हिमांशु रंजन और अनिकेत सहित श्रम विभाग के पदाधिकारी, पुलिस बल, विधिक स्वयंसेवक पिंकी कुमारी और परिवार विकास स्वयंसेवी संस्था के सदस्य शामिल रहे।


