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10 अप्रैल, 2021|3:38|IST

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कोवैक्सीन के फर्स्ट फेज के ट्रायल का नतीजा आ ही गया, लांसेट में छपे लेख में बताया- कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं

covaxin

भारत में कोरोना के दो टीकों को आपात स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी मिली है। ये हैं कोविशील्ड और कोवैक्सीन। इनमें से कोवैक्सीन को भारत बोयोटेक ने बनाया है और यह पूरी तरह स्वदेशी टीका है लेकिन देशभर में लोग इस टीके को लेने से डर रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मी भी इस टीके के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि, भारत में बनी इस वैक्सीन को लेकर अब एक खुशखबरी आई है। कोवैक्सीन के पहले चरण के नतीजों को मशहूर मेडिकल पत्रिका दि लांसेट में छापा गया है जिसके मुताबिक, इस वैक्सीन ने किसी भी गंभीर दुष्प्रभाव के बिना प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाया है।

पत्रिका में बताया गया कि कोवैक्सीन से होने वाली परेशानियों में पहले नंबर पर इंजेक्शन की जगह होने वाला दर्द, फिर सरदर्द और बुखार,थकान शामिल थे।भारत बायोटेक की जॉइनिंंग डायरेक्टर सुचित्रा एल्ला ने इस मौके पर कहा है कि कोवैक्सीन भारत की ऐसी पहली वैक्सीन है जिसका डेटा लांसेट में छपा है।

लांसेट के अध्ययन में कहा गया है कि "BBV152 कोड नाम की वैक्सीन सभी डोज ग्रुप में अच्छे से सहन की गई। इसमें टीके से संबंधित कोई गंभीर घटना भी सामने नहीं आई।"

बायोटेक इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि हर वैक्सीन के लगने पर दर्द और बुखान की शिकायत होती है, लेकिन अभी तक कोवैक्सीन में अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है जिसे ट्रीटमेंट की जरूरत हो और ये पूरी तरह सुरक्षित है। 

कोवैक्सीन की जिस बात को लेकर सबसे ज्यादा निंदा हो रही थी वो ये कि जब इसमें आपात इस्तेमाल की मंजूरी का आवेदन दिया तो इसका कोई भी डेटा सार्वजनिक नहीं था। लांसेट में छपने के बाद सुचित्रा एल्ला ने ट्वीट कर कहा कि "भारत के इनोवेशन को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है"

चरण 2 के लिए इसी तरह की सहकर्मी की समीक्षा के अध्ययन का अभी इंतजार है और चरण 3 के लिए परीक्षण जारी हैं, क्योंकि सरकार लाखों फ्रंट लाइन कर्मचारियों को जाब्स जारी करना जारी रखती है। जबकि टीके परीक्षणों के पहले दो चरण आमतौर पर उनकी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तीसरा चरण आम तौर पर इसकी प्रभावकारिता निर्धारित करता है।

बता दें कि भारत में विकसित वैक्सीन को भारत सरकार के मेडिकल काउंसिल (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे के सहयोग से भारत बायोटेक ने तैयार किया है। कोवैक्सीन को इसी महीने भारत सरकार द्वारा नैदानिक ​​परीक्षण मोड में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।

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  • Web Title:covaxin first trail data published in medical magazine Lancet told - no serious side effects