दो हत्याकांडों में छह दोषियों को सजा, दो को उम्रकैद
अदालत ने हत्या और गैर इरादतन हत्या के दो मामलों में छह दोषियों को सजा सुनाई। चिलकाना में भुट्टू और अमजद को आजीवन कारावास और अर्थदंड दिया गया, जबकि मंडी में पांच लोगों को 10 साल की सजा और अर्थदंड का सामना करना पड़ा। न्यायिक निर्णय से पीड़ित पक्ष को न्याय मिला।

हत्या और गैर इरादतन हत्या के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने छह दोषियों को सजा सुनाई। चिलकाना के माहेश्वरी कला में 2014 में हुई हत्या के मामले में भुट्टू और अमजद को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड दिया गया। वहीं मंडी क्षेत्र में 2024 में हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में पांच दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास और 55-55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा हुई। शुक्रवार को दोनों मामलों ने अदालत ने फैसला सुनाया।
चिलकाना हत्या का मामला
बता दें कि चिलकाना थाने में 17 जून 2014 को मुरसलीन ने पिता की गला घोंटकर हत्या का आरोप लगाते हुए माहेश्वरी कला निवासी भुट्टू पुत्र ताहिर और अमजद पुत्र तालिब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पेशल एंटीकरप्शन कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद सुनाई। वहीं, मंडी थाने में 26 जून 2024 को तौसीफ ने भाई तौफीक की लात-घूंसों और ईंटों से मारपीट कर हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में सद्दाम पुत्र लोबान, भानू उर्फ वाहिद पुत्र इरशाद उर्फ सादा उर्फ शहजाद, अफजल पुत्र नाजिर, नसीम पुत्र स्व. इकीक और अब्दुल रहमान पुत्र स्व. रफीक दोषी पाए गए। साकिब पुत्र इमरान को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। दोनों मामलों में पुलिस की मॉनिटरिंग सेल की पैरवी रही। दोनों मुकदमों में पुलिस की सशक्त पैरवी और प्रयासों के चलते अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई और फैसले से पीड़ित पक्ष को न्याय मिला।
तौफिक का पीट-पीटकर हत्या मामला
पीट-पीटकर तौफीक की हुई थी मौत
मंडी क्षेत्र में 26 जून 2024 को तौसीफ के भाई तौफीक के साथ लात-घूंसों और ईंटों से मारपीट की गई थी। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी। तौसीफ की तहरीर पर सद्दाम, भानू उर्फ वाहिद, अफzal, नसीम, अब्दुल रहमान और साकिब के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत ने पांच को दोषी माना, जबकि साकिब को दोषमुक्त कर दिया।


