नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 20 साल सश्रम कारावास की सजा- लीड
अदालत में सुनाया फैसला, एक अभियुक्त को सुनाई गई सजा जा के बिंदु पर सुनवाई की। इस कांड में एकमात्र अभियुक्त गयाजी जिला के कोच थाना के इस्माइलपुर चिड़िया बिगहा निवासी बिंदा दास के पुत्र राजा कुमार उर्फ...

नाबालिग बच्ची का अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने अभियुक्त को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश लक्ष्मीकांत मिश्रा ने ओबरा थाना कांड संख्या-406/24 में सजा के बिंदु पर सुनवाई की। इस कांड में एकमात्र अभियुक्त गयाजी जिला के कोच थाना के इस्माइलपुर चिड़िया बिगहा निवासी बिंदा दास के पुत्र राजा कुमार उर्फ राजा हिंदुस्तानी को 4(2) पॉक्सो एक्ट में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। 87 बीएनएस में सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि अभियुक्त राजा कुमार उर्फ राजा हिंदुस्तानी अभी तक छह महीने 15 दिन जेल में बिता चुका है। जेल में बिताई गई अवधि सुनाई गई सजा में समायोजित की जाएगी। स्पेशल पीपी ने बताया कि इस मामले में पीड़िता के पिता ने 27 अगस्त 2024 को ओबरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा था कि उनकी बच्ची विद्यालय में पढ़ाई करने के लिए गई हुई थी और अपने घर वापस नहीं लौटी। उन्होंने अपने रिश्तेदार के यहां काफी खोजबीन की तो पता चला कि राजा कुमार उर्फ राजा हिंदुस्तानी उनकी बच्ची को बहला फुसला कर अपने साथ लेकर चला गया है। वह लुधियाना में काम करता था। उनकी बेटी की उम्र करीब 15 साल है। इस मामले में पुलिस ने छापेमारी करते हुए पीड़िता को अभियुक्त राजा कुमार उर्फ राजा हिंदुस्तानी के घर से बरामद कर लिया था। स्पेशल पीपी ने बताया कि इस मामले में पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को दिया गया है। पीड़िता के पुनर्वास के लिए यह राशि दी जाती है। यदि पूर्व में उसे कोई सहायता राशि मिली होगी तो वह इसमें समायोजित की जाएगी।
गवाही की प्रक्रिया
सात लोगों ने दी गवाही इस मुकदमे में कुल सात लोगों की गवाही कराई गई थी। इसमें पीड़िता के पिता और केस के सूचक, पीड़िता, पीड़िता के चाचा, पीड़िता की मां, सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार, डॉ रश्मि सिंह और एक अन्य युवती का बयान कराया गया था। बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह प्रस्तुत नहीं हुआ था।
छेड़छाड़ का मामला
नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ में दोषी करार औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में अभियुक्त को दोषी करार दिया गया है। नवीनगर थाना कांड संख्या-199/25 में एडीजे-6 सह पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश लक्ष्मीकांत मिश्रा ने एकमात्र अभियुक्त कुंदन कुमार उर्फ सचिन को दोषी करार दिया है। स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि अभियुक्त नवीनगर थाना के धनौती गांव निवासी कुंदन कुमार उर्फ सचिन को धारा-79 एवं 351 बीएनएस तथा 12 पॉक्सो एक्ट में दोषी करार दिया गया है। 17 जुलाई को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। इस मामले में पीड़िता के पिता ने 18 जून 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पुत्री नाबालिग है जिसके साथ उक्त युवक अश्लील हरकत कर रहा था। इसके साथ ही उसका वीडियो और रिल्स बनाने लगा। बाद में उनकी पुत्री को वीडियो दिखाकर उसे ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहा था। जब हद से बात बाहर चली गई तो उनके पुत्री उसे पीछा छुड़ा रही थी जिससे गुस्सा होकर उक्त युवक ने वीडियो और फोटो को वायरल करने की धमकी देकर पूरे परिवार को ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल नंबर से इंस्टाग्राम और स्टेटस पर भी धमकी दी।


