दहेज हत्या में पति और सास को 12-12 साल की कैद
तीस हजारी कोर्ट ने गर्भवती महिला कोमल के दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के मामले में पति नितेश कश्यप और सास मीना को 12-12 साल की कठोर सजा सुनाई। नितेश पर 35 हजार और मीना पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कोमल की शादी के कुछ समय बाद ही उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था।

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट ने गर्भवती महिला को दहेज उत्पीड़न और क्रूरता के जरिए खुदकुशी के लिए मजबूर करने के मामले में पति नितेश कश्यप और सास मीना को 12-12 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पति पर 35 हजार और सास पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रिया महेंद्र की अदालत ने सजा के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय समाज में 21वीं सदी में भी दहेज प्रताड़ना से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। यह मामला रणहौला थानाक्षेत्र के सैनिक एन्क्लेव का है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल अख्तर ने अदालत को बताया कि मृतका कोमल और नितेश की शादी 15 मार्च 2021 को हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद कोमल गर्भवती हो गई। आरोपों के मुताबिक शुरुआती गर्भावस्था के दौर में भी उसे भरपेट खाना तक नहीं दिया जाता था। तीन जून 2021 को प्रताड़ना से तंग आकर कोमल ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृत्यु के समय वह ढाई महीने के गर्भ से थी।
लेखक के बारे में
Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
और पढ़ें

