हत्या के जुर्म में पिता-पुत्र समेत चार लोगों को सश्रम आजीवन कारावास
हत्या के मामले में चार लोगों को सश्रम आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। मामले में अनिल चौधरी, विक्की चौधरी, अविनाश चौधरी और पवन कुमार शामिल हैं। अनिल चौधरी ने जुआ के दौरान विरोध करने पर पड़ोसी कुलदीप चौधरी की हत्या की। अदालत ने मामले के सभी पहलुओं की सुनवाई के बाद यह सजा सुनाई।

हत्या के जुर्म में अदालत ने चार लोगों को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा पाने वालों में पिता एवं उसके दो पुत्र भी शामिल हैं। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार ने शुक्रवार को नगर के गोंदापुर निवासी अनिल चौधरी, विक्की चौधरी, अविनाश चौधरी व पवन कुमार को सजा सुनाई। सजायाफ्ता विक्की चौधरी व अविनाश चौधरी के पिता अनिल चौधरी है। मामला नगर थाना कांड संख्या-1770/23 से जुड़ा है। अपर लोक अभियोजक मो. मिसवाह रषुल ने अभियोजन पक्ष रखा। जानकारी के अनुसार 12 नवंबर 23 की रात अनिल चौधरी अपने घर में जुआ खेलवा रहा था। जुआ खेलने के क्रम में काफी गाली-गलौज व शोरगुल हो रहा था। इस कारण पड़ोसी कुलदीप चौधरी जुआ खेल का विरोध करने गया तो अनिल चौधरी व वहां रहे जुआरियों ने कुलदीप चौधरी के साथ काफी बदसलुकी करते हुए गाली-गलौज की। तब कुलदीप चौधरी अपने घर लौट गया। कुछ देर के बाद सभी अभियुक्तगण हरवे हथियार के साथ कुलदीप चौधरी के घर पर आकर गोली चलाई। भयभीत होकर कुलदीप चौधरी ने पुलिस के 112 नम्बर को डायल किया। 112 नम्बर की पुलिस के द्वारा घर का पता पूछे जाने के क्रम वह घर से बाहर निकला ही था कि घात लगाये सभी अभियुक्तों ने चाकू से प्रहार कर कुलदीप की हत्या कर दी। मृतक के भाई रंजीत कुमार के बयान पर नगर थाना में कांड अंकित किया गया। घटना के समर्थन में गवाहों द्वारा दिए गए बयान व पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य के अवलोकन के बाद न्यायाधीश ने चारों अभियुक्त को हत्या के जुर्म में सश्रम आजीवन का कारावास तथा प्रत्येक को 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अन्य धाराओं में भी चारों अभियुक्त को तीन वर्ष व 6-6 महीने व अर्थदंड की भी सजा सुनाई। (नवादा से डॉ.संजय कुमार मिश्रा)
अदालत का निर्णय
हत्या के जुर्म में अदालत ने चार लोगों को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा पाने वालों में पिता एवं उसके दो पुत्र भी शामिल हैं। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार ने शुक्रवार को नगर के गोंदापुर निवासी अनिल चौधरी, विक्की चौधरी, अविनाश चौधरी व पवन कुमार को सजा सुनाई। सजायाफ्ता विक्की चौधरी व अविनाश चौधरी के पिता अनिल चौधरी है। मामला नगर थाना कांड संख्या-1770/23 से जुड़ा है। अपर लोक अभियोजक मो. मिसवाह रषुल ने अभियोजन पक्ष रखा। जानकारी के अनुसार 12 नवंबर 23 की रात अनिल चौधरी अपने घर में जुआ खेलवा रहा था। जुआ खेलने के क्रम में काफी गाली-गलौज व शोरगुल हो रहा था। इस कारण पड़ोसी कुलदीप चौधरी जुआ खेल का विरोध करने गया तो अनिल चौधरी व वहां रहे जुआरियों ने कुलदीप चौधरी के साथ काफी बदसलुकी करते हुए गाली-गलौज की। तब कुलदीप चौधरी अपने घर लौट गया। कुछ देर के बाद सभी अभियुक्तगण हरवे हथियार के साथ कुलदीप चौधरी के घर पर आकर गोली चलाई। भयभीत होकर कुलदीप चौधरी ने पुलिस के 112 नम्बर को डायल किया। 112 नम्बर की पुलिस के द्वारा घर का पता पूछे जाने के क्रम वह घर से बाहर निकला ही था कि घात लगाये सभी अभियुक्तों ने चाकू से प्रहार कर कुलदीप की हत्या कर दी। मृतक के भाई रंजीत कुमार के बयान पर नगर थाना में कांड अंकित किया गया। घटना के समर्थन में गवाहों द्वारा दिए गए बयान व पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य के अवलोकन के बाद न्यायाधीश ने चारों अभियुक्त को हत्या के जुर्म में सश्रम आजीवन का कारावास तथा प्रत्येक को 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अन्य धाराओं में भी चारों अभियुक्त को तीन वर्ष व 6-6 महीने व अर्थदंड की भी सजा सुनाई। (नवादा से डॉ.संजय कुमार मिश्रा)


