मारपीट के अपराध में सुनाई सजा
संतकबीरनगर में बखिरा थाने के एक मारपीट मामले में, सीजे (जेडी), एसीजेएम की कोर्ट ने अभियुक्त नगेन्द्र को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और 4000 रुपये का अर्थदण्ड लगाया। वादी दयाल नायक ने 2005 में अभियुक्त के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। यदि अर्थदण्ड का भुगतान नहीं किया गया तो 30 दिन की कारावास की सजा होगी।

संतकबीरनगर। बखिरा थाने के मारपीट के एक मामले में सीजे (जेडी), एसीजेएम की कोर्ट ने एक अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। 4000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। वादी मुकदमा दयाल नायक पुत्र रामलखन नायक निवासी भगवानपुर थाना बखिरा ने 13 मार्च 2005 को थाना बखिरा पर अभियुक्त नगेन्द्र पुत्र कृपा नारायण निवासी भगवानपुर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। नगेन्द्र पर मारपीट, गाली गलौज तथा उसका पिलर तोड़ने का आरोप लगाया। थाना बखिरा पर अभियोग दर्ज कर उप निरीक्षक इन्तखाब अहमद ने साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया था। न्यायालय ने नगन्द्र को जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर दोषी करार दिया।
न्यायालय उठने तक की न्यायिक अभिरक्षा की सजा सुनाई 4000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 30 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।


