दलित के साथ अत्याचार में मधवापुर के मुखिया व सरपंच को जेल
मधुबनी में दलित के साथ मारपीट और अत्याचार के मामले में मुखिया राजेश कुमार साह और सरपंच बलराम झा सहित चार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। राजकिशोर राम द्वारा दायर मामले में आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज की गई। घटना 24 अप्रैल 2024 को हुई जब राजकिशोर को अपाची बाइक नहीं देने पर मारपीट का सामना करना पड़ा।

मधुबनी,विधि संवाददाता। दलित के साथ मारपीट व अत्याचार के मामले में मधवापुर के मुखिया राजेश कुमार साह व सरपंच बलराम झा सहित चार लोगों को कोर्ट ने सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। राज किशोर राम द्वारा दायर मामले में मुखिया व सरपंच के साथ अशोक मिश्रा एवं विकास चन्द्र ठाकुर एससी एसटी मामलों के प्रभारी स्पेशल जज जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार पांडेय की अदालत में जमानत अर्जी के साथ आत्मसमर्पण किया था। आरोपितों की ओर से जमानत देने की गुहार लगाई गई जबकि एससी एसटी मामलों के स्पेशल पीपी सपन कुमार सिंह ने जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपितों का जमानत रद्द करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। स्पेशल पीपी ने बताया कि इससे पूर्व माननीय उच्च न्यायालय ने आरोपितों का अग्रिम जमानत आवेदन रद्द कर दिया था।
उपहार में मिले अपाचे बाइक नहीं देने पर हुआ था विवाद
मधवापुर के राजकिशोर राम द्वारा कोर्ट में दायर परिवाद के अनुसार 24 जनवरी 2024 से 11 फरवरी 2024 के बीच मधवापुर में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। मुखिया आयोजन समिति के अध्यक्ष तथा सरपंच संयोजक थे। टूर्नामेंट में लकी कूपन वाला लॉटरी की व्यवस्था की गई थी। प्रथम पुरस्कार के रूप में अपाची बाइक देने की घोषणा हुई थी। राजकिशोर राम अपनी पुत्री चांदनी कुमारी के नाम से एक कूपन लिया था। 16 फरवरी 24 को लाटरी ड्रा में चांदनी प्रथम विजेता बनी। गाड़ी के साथ तस्वीर भी लिया गया। एक-दो दिन में पेपर अपडेट कर गाड़ी देने की बात कही गई लेकिन उन्हें गाड़ी नहीं मिला। 24 अप्रैल 2024 को बाइक मांगने पर आरोपितों ने जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए उसके साथ मारपीट की। इसी घटना के बाद राज किशोर राम ने कोर्ट में मामला दर्ज कराया। कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए आरोपितों के खिलाफ वारंट जारी किया था।


