कोर्ट में गवाही नहीं देने आ रहे पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची
मुजफ्फरपुर में गवाही देने नहीं आने वाले जवानों और पुलिस अधिकारियों की सूची बनाई जाएगी। डीएम ने लोक अभियोजक को निर्देश दिया है कि इन गवाहों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया को तेजी से किया जाए। इसका उद्देश्य जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने के लिए गवाहों की उपस्थिति को सुनिश्चित करना है।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कोर्ट में गवाही देने नहीं आने वाले जवानों, पुलिस अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की सूची बनाई जाएगी। इनमें उनको शामिल किया जाएगा जो नोटिस मिलने पर भी लंबे समय से गवाही देने नहीं पहुंचे हैं। पिछले दिनों अभियोजन के कार्यों की समीक्षा के बाद डीएम ने लोक अभियोजक, मुख्य अभियोजन अधिकारी को यह सूची एसएसपी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
गवाहों की सूची बनाने का निर्देश
लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि समीक्षा बैठक में कोर्ट में गवाहों के नहीं आने के कारण मामले की सुनवाई में देरी का मुद्दा सामने आया था। इसको लेकर गवाहों की सूची बनाने का निर्देश मिला है। इसके आधार पर गवाहों को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
डीएम का निर्देश
लोक अभियोजक ने बताया कि डीएम ने कोर्ट में लंबित सभी मामले की समीक्षा का निर्देश दिया है। इसमें मामलों के लंबित होने के कारणों का पता लगा उसको दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रत्येक माह दोषियों को कोर्ट से सजा दिलाना, गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में स्पीडी ट्रायल के तहत त्वरित निष्पादन कराना है। इसके लिए गवाहों को कोर्ट में पेशी सुनिश्चित करानी होगी। खासकर पॉक्सो व मादक पदार्थों से संबंधित मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई पूरी कराकर दोषियों को सजा दिलाना है।


