महिला की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त
महिला की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त महिला की अग्रिम जमानत याचिकामहिला की अग्रिम जमानत याचिकामहिला की अग्रिम जमानत याचिका

हरदोई। जिला जज रीता कौशिक ने फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए न्यायालय में जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल करने के आरोप में नामजद चंडीगढ़ निवासी लवलीन धालीवाल नामक महिला की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार वर्ष 2026 में दाखिल एक जमानत प्रार्थनापत्र आवेदिका और अन्य सह-आरोपियों के फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। हस्ताक्षरों का मिलान पासपोर्ट और पैन कार्ड से कराने पर वे जाली पाए गए। यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित साजिश के तहत की गई। दूसरी ओर बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मुकदमा रंजिशन दर्ज कराया गया है। आवेदिका ने स्वयं हस्ताक्षर किए थे।
वह न्यायालय में उपस्थित भी हुई थी। साथ ही वैवाहिक व संपत्ति संबंधी विवाद के चलते झूठा फंसाने का आरोप लगाया गया। विवेचना में यह सामने आया कि कथित फर्जी हस्ताक्षरों की सत्यता की जांच के लिए तकनीकी परीक्षण आवश्यक है। अदालत ने मामले की गंभीरता, विवेचना की प्रगति और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए महिला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।


