नाबालिग को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने और तथ्य छुपा निकाह में डॉक्टर की अग्रिम जमानत याचिका रद्द
नाबालिग को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने और तथ्य छुपा निकाह में डॉक्टर की अग्रिम जमानत याचिका रद्द

बगहा। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र बगहा की अदालत ने चौतरवा थाना कांड संख्या 153/2026 में दर्ज नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में आरोपी निजामुद्दीन अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के न्यायिक बयान तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
मामले की जानकारी
अपर लोक अभियोजक मन्नू राव ने बताया कि आरोपी ने स्वयं को डॉक्टर बताकर एक निजी अस्पताल में कार्य करने के दौरान पीड़िता की मां से परिचय बढ़ाया। आरोप है कि उसने विश्वास में लेकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की बरामदगी के बाद दर्ज कराए गए न्यायिक बयान में आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर जबरन शारीरिक सम्बन्ध का आरोप लगाया गया है।
सुनवाई और निर्णय
सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक श्री राव ने अदालत को बताया कि पीड़िता के बयान और केस डायरी में आरोपी के विरुद्ध गंभीर आरोप प्रथम दृष्टा प्रमाणित होते हैं। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता इंदुभूषण पांडे ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आरोपी को साजिश के तहत फंसाया गया है तथा उसे झूठे मुकदमे में अभियुक्त बनाया गया है।
अदालत का निर्णय
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने कहा कि मामले की प्रकृति गंभीर है तथा इस स्तर पर आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन परिस्थितियों में अदालत ने आरोपी निजामुद्दीन अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि आरोपी पहले से दो निकाह कर चुका था, तीसरा निकाह उसने इस नाबालिग से किया। इसका रामनगर और चौतरवा में अस्पताल संचालित होता है।


