हरियाणा की घटना की बरेली में दर्ज करायी रिपोर्ट
हरियाणा में हुई हत्या के मामले में बरेली कोर्ट ने आरोपी पति रमेश चंद्र की डिस्चार्ज अर्जी को स्वीकार किया। कोर्ट ने कहा कि विवेचना में घटनास्थल हरियाणा का माना गया, जिसके कारण बरेली कोर्ट को इस मामले में कार्यवाही करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने उचित कार्रवाई का आदेश दिया।

हरियाणा की वारदात को बरेली जनपद की बताकर रिपोर्ट दर्ज कराने पर कोर्ट ने कड़ा रूख अपनाया है।कोर्ट ने आरोपी पति की डिस्चार्ज अर्जी को मंजूर कर उसे उन्मोचित करने के आदेश दिये हैं। कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति एसएसपी बरेली को भेज कर अग्रिम कार्यवाही करने के साथ विवेचक के कृत्य पर संज्ञान लेने का भी आदेश दिया है। भूपराम निवासी ग्राम कल्लिया थाना न्यूरिया, पीलीभीत ने थाना नवाबगंज में अपने बहनोई रमेश चंद्र और उसके परिजन निवासी ग्राम इनायतपुर, नवाबगंज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी बहन कमला देवी की शादी रमेश के साथ हुई थी।
पति रमेश ने गला दबाकर पत्नी कमला की हत्या कर दी। आरोपी रमेश चंद्र के अधिवक्ता नवलकिशोर कश्यप ने डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की थी। अधिवक्ता ने दलील दी कि दर्ज एफआईआर के अनुसार आरोपी रमेश चंद्र अपनी पत्नी कमला देवी के साथ मोहल्ला मोहननगर, मारुती कुंज, थाना भोडसी जिला गुरुग्राम हरियाणा में रहता था। मृतका ने 18 अगस्त 2024 को वादी को फोन कर कहा कि उसका पति उसे कमरे में बंद करके मारपीट कर रहा था।वही गवाहों के बयानों से भी विवेचना में यह खुलासा हुआ कि 18 अगस्त 2024 को पत्नी कमला देवी की तबियत ठीक ना होने पर पति रमेश चंद्र उसे हरियाणा के शुभ फैमिली क्लिनिक मोहननगर के डाक्टर नागेंद्र शर्मा के यहां सुबह पांच बजे ले गया।इलाज के समय कमला देवी खूब बोल रही थी।अगले दिन डाक्टर को दिखाने पर कमला देवी का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। डाक्टर ने किसी बड़े अस्पताल में ले जाने को कहा। रमेश अपनी पत्नी को हरियाणा अपने कमरे पर ले गया। मृत्यु होने एम्बुलेंस से कमला का शव लेकर 19 जून 2024 को पांच बजे गांव इनायतपुर पंहुचा।कोर्ट ने डिस्चार्ज अर्जी पर फैसला सुनाकर कहा कि 27 जुलाई 2025 तक की विवेचना में प्रथम विवेचक ने घटनास्थल गुरुग्राम हरियाणा माना।इसके बाबजूद भी सक्षम न्यायालय के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर विवेचना किये जाने की कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी।कोर्ट ने आरोपी रमेश चंद्र की डिस्चार्ज अर्जी को मंजूर कर बरेली कोर्ट को क्षेत्राधिकार ना होने उसे उन्मोचित करने के आदेश दिये है।


