सात लोगों की संपत्ति कुर्क, तीन महीने की जेल के आदेश
देहरादून में चतुर्थ अपर सिविल जज ने विवादित संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। सात आरोपियों की संपत्ति एक साल के लिए कुर्क की जाएगी और उन्हें तीन महीने की जेल की सजा दी गई है। न्यायालय ने आदेश का उल्लंघन करने वाले सभी दोषियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है।

देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। चतुर्थ अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अखिलेश कुमार पांडेय ने स्टे आदेश का उल्लंघन कर विवादित जमीन बेचने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने आदेश की अवहेलना करने वाले सात आरोपियों की विवादित संपत्ति एक साल के लिए कुर्क करने और उन्हें तीन महीने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए संबंधित थाने की पुलिस को कोर्ट अमीन का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।मामला सहस्रधारा रोड अधोईवाला की 427.51 वर्ग मीटर जमीन से जुड़ा है। विजय कुमार ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि मूल वाद में अदालत ने 10 नवंबर 2017 को संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद प्रतिवादियों ने 28 दिसंबर 2023 को इस जमीन का एक हिस्सा 88.50 लाख रुपये में बेच दिया और वहां प्लॉटिंग व रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया। अदालत ने इसके बाद दो मामलों की सुनवाई करते हुए पाया कि नितिन, राजकुमार खन्ना, राहुल खन्ना, नरेश खन्ना, देवेंद्र सिंह चौधरी, सुखदेव सिंह रावत और सौरभ मक्कड़ ने जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन कर किए गए बैनामे में क्रेता, विक्रेता, गवाह या सहमति देने वाले भी उतने ही दोषी हैं भले ही वे मूल वाद में पक्षकार न हों। अब दोषियों की संपत्ति एक साल तक कुर्क रहेगी और वे इसे बेच, दान या गिरवी नहीं रख सकेंगे।


